ज्योतिष व वास्तु के क्षेत्र जयपुर निवासी प्रशांत मालपाणी की पहचान एक ऐसे नक्षत्र के रूप में है, जो इस विधा के क्षितिज को जगमगा रहे हैं। श्री मालपाणी ज्योतिष व वास्तु के ऐसे विद्वान हैं, जिन्होंने ‘‘पाराशर लाईट’’ तथा ‘‘वैदिक वास्तु’’ जैसे महत्वपूर्ण साफ्टवेयरों की सौगात देकर इस वैदिक विधा को डिजिटल दुनिया में सशक्त रूप से प्रवेश दे दिया।
वर्तमान में ज्योतिष के क्षेत्र में ‘पाराशर लाइट’ एक विश्व विख्यात सॉफ्टवेयर है एवं विश्व के 120 से अधिक देशों में ज्योतिषी इसका प्रयोग करते हैं। ‘पाराशर लाइट’ आज आठ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है एवं 2 अन्य भाषाओं में शीघ्र ही उपलब्ध होगा। इसी प्रकार वास्तु के क्षेत्र में साफ्टवेयर ‘‘वैदिक वास्तु’’ भी वास्तुविदों को इस तकनीकी युग की सौगात है।
आपको यह जानकर गर्व होगा कि इन साफ्टवेयरों का निर्माण कर इस वैदिक ज्ञान के लिये डिजिटल दुनिया के द्वार खोलने वाले भी माहेश्वरी परिवार से ही हैं, जयपुर के सुपुत्र प्रशांत मालपाणी।
इतना ही नहीं इनके साथ ही उनके ज्योतिष वास्तु के क्षेत्र में और भी कई साफ्टवेयर हैं, जो इस क्षेत्र के ज्योतिर्विदों तथा वास्तुविदों के लिये उनके व्यवसाय को आसान बना रहे हैं।
पारम्परिक परिवार में लिया जन्म
श्री मालपाणी का जन्म ग्राम हरमाड़ा, जिला जयपुर में स्व. श्री चेनसुखजी-सरस्वती देवी मालपाणी के पौत्र तथा श्री अमरचंद व लक्ष्मी देवी मालपाणी के सुपुत्र के रूप में मई, 1978 में हुआ। परिवार में मीनाक्षी माहेश्वरी का बड़ी बहन व मयूरी सोमानी का छोटी बहन के रूप में स्नेह प्राप्त हुआ।

श्री मालपाणी सन् 2005 में मेरठ के श्री हरिओम-मंजू माहेश्वरी की सुपुत्री शोभना के साथ परिणय सूत्र में बंध गये। वर्तमान में पुत्र प्रणय एवं बेटी हिया उनके छोटे से परिवार में शामिल हैं।
बचपन से ही परिवार में परम्परागत संस्कारित माहौल मिला जिसने स्वत: ही ज्योतिष के प्रति श्रद्धा उत्पन्न कर दी।
ऐसे चली ‘ज्योतिष-वास्तु’ यात्रा
प्रारंभिक शिक्षा के पश्चात आपने कंप्यूटर साइंस में विशेष शिक्षा प्राप्त की। आप प्रारंभ से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी एवं मेधावी छात्र रहे। आपकी शुरू से वैदिक विद्याओं में गहन रूचि थी। कॉलेज के प्रथम वर्ष की शिक्षा के दौरान आपकी मुलाकात अमेरिका निवासी श्री मिखिल से हुई, जो उस वक़्त एक भारतीय ज्योतिष के सॉफ्टवेयर पर कार्य कर रहे थे।
दोनों की प्रथम मुलाकात पर ही दोनों ने साथ कार्य करने का निश्चय किया। इसी कड़ी में आपने एक कंपनी की स्थापना की और तत्पश्चात ज्योतिष के उस सॉफ्टवेयर पर पूरी लगन एवं मेहनत के साथ कई वर्ष तक अनवरत कार्य किया।
कंपनी की स्थापना के बाद आपने फॉर्मल शिक्षा, ज्योतिषीय अध्ययन एवं प्रोफेशनल कार्य साथ – साथ किया। वर्ष 1996 में शुरू किया गया ज्योतिषीय सॉफ्टवेयर आज सम्पूर्ण ज्योतिषीय जगत में ‘पाराशर लाइट’ के नाम से विख्यात है।
भारतीय ज्ञान का परचम लहराना था लक्ष्य
पाराशर लाइट सॉफ्टवेयर के पीछे आपकी वैदिक ज्योतिष के सम्पूर्ण विश्व में प्रसार एवं स्थापना की प्रबल इच्छा थी, जो कई वर्षो के अथक प्रयासों से अब साकार हो रही है। विश्व के अनेक छोटे देशों तक में वैदिक ज्योतिष अब प्रचलन में है। अपनी सुगठित टीम के साथ आपने ज्योतिष के कई अन्य विशिष्ठ सॉफ्टवेयर भी बनाये।
सन 2008 में आपकी वास्तु में भी गहन रूचि जाग्रत हुई और दो वर्ष के अध्ययन के बाद आपने 2010 में वास्तु के क्षेत्र में सर्वप्रथम ‘वैदिक वास्तु’ नाम से एक सॉफ्टवेयर बनाया। कई वर्षों के शोध एवं अध्ययन के पश्चात जनमानस को उपयुक्त ज्योतिषीय समाधानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आपने ‘अर्कम’ नाम से एक प्रोडक्ट ब्रांड की स्थापना की। इसके तहत आप परिशुद्ध यंत्रो की सम्पूर्ण श्रृंखला, रुद्राक्ष, रत्न, माला एवं पूजा की सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं।










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