ब्राह्मणी मुंदल माताजी, माहेश्वरी जाति की मूंदड़ा खांप की कुलदेवी है। अपने विशिष्ट चमत्कारों के कारण क्षेत्र में प्रसिद्ध तो हैं ही साथ ही जाट समाज भी कुलदेवी के रूप में पूजता है।
माताजी का प्राचीन मंदिर राजस्थान के नागौर जिले के ग्राम मुंदियार में स्थित है। लाल वस्त्र धारण करने वाली स्वर्ग सिंहासन पर विराजित माताजी का यह मोहिनी रूप है। यहाँ नारियल, मेवा, लापसी, चावल तथा चूरमे का भोग लगता है।
ऐसी मान्यता है की भक्तिभाव पूर्वक पूजा करने से माताजी इच्छित फल प्रदान करती है। पूजन नियमित रूप से सुबह-शाम होती है। इस स्थल पर एक प्राचीन तालाब है, वहाँ लगे शिलालेख के अनुसार यह 6500 वर्ष पुराना है।
विशेष आयोजन:
भादवा सुदी अष्टमी- कीर्तन व जागरण।
भादवा सुदी नवमी- महाप्रसादी व गजानंदजी का भव्य मेला।
कैसे पहुँचे:
श्री ब्राह्मणी मुंदल माताजी मदिर नागौर से 25 की.मी. दूर मुंदियार ग्राम में स्थित है। जोधपुर-नागौर मार्ग पर नागौर से 8 की.मी. पूर्व चिमरानी गाँव से पारसरा व बलायागांव होते हुए सड़क मार्ग है। इस मार्ग पर नागौर से 25 की.मी. पूर्व भाकरोद गाँव से भी सिलगाँव होते हुए मार्ग है। नागौर से समय समय पर बस उपलब्ध। किराए की जीप भी यहाँ से उपलब्ध हो जाती है।
कहाँ ठहरे:
समीप गणेश मंदिर है। इस मंदिर में यात्रियों के ठहरने के लिए 6 कमरों की निःशुल्क व्यवस्था है।
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Matani के नवनिर्मित मंदिर में ठहरने की भी व्यवस्था है.वहां नियुक्त मैनेजर से संपर्क कर कमरा लिया जा सकता है.