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Rajkumar Kalya

युवा ऊर्जा के सजग नेतृत्व- राजकुमार काल्या

किसी भी देश या समाज का विकास अथवा पतन दोनों ही उसकी युवा शक्ति पर निर्भर होता है। युवा वर्ग ऊर्जा से भरपूर होता है, ऐसे में यदि उसकी ऊर्जा को नकारात्मक दिशा मिल जाऐ तो वह ऊर्जा विध्वंसक बनकर पतन का कारण बन जाती है। वहीं यदि इसे सकारात्मक दिशा मिल जाऐ तो यही ऊर्जा विकास के नये प्रतिमान स्थापित कर देती है। समाज की ऐसी ही युवा ऊर्जा को अभा माहेश्वरी युवा संगठन अध्यक्ष के रूप में गत दो सत्रों से सजग नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं, गुलाबपुरा जिला भीलवाड़ा निवासी राजकुमार काल्या। उनके इन्हीं अप्रतीम समाजसेवी योगदानों के लिये श्री माहेश्वरी टाईम्स परिवार आपको समाजसेवा के लिए ‘‘माहेश्वरी ऑफ द ईयर-2022’’ अवार्ड समर्पित करते हुए गौरवान्वित महसूस करता है।


किसी भी संगठन में लगातार दो सत्रों तक नेतृत्व प्राप्त करना वास्तव में उस नेतृत्व की योग्यता, उसके समर्पण तथा उसकी कुशल नेतृत्व क्षमता का ही परिचायक है। गुलाबपुरा जिला भीलवाड़ा (राजस्थान) निवासी राजकुमार काल्या एक ऐसे ही नेतृत्व हैं। अभा माहेश्वरी युवा संगठन अध्यक्ष के रूप में 12वें सत्र में जब श्री काल्या ने युवा संगठन की बागडोर संभाली थी, तब हर किसी ने उसकी कार्यकुशलता व नेतृत्व क्षमता को देखकर यह तो जरूर सोचा था कि श्री काल्या कुछ नया करेंगे। लेकिन यह नहीं सोचा था कि वे मात्र एक कार्यकाल में ही युवा वर्ग के इतने चहेते भी बन जाऐंगे कि उन्हें दोबारा फिर युवा शक्ति का नेतृत्व सौंपा जाऐगा।

वास्तव में हुआ ऐसा ही श्री काल्या ने अपने प्रथम कार्यकाल में युवाओं के सर्वांगीण विकास में वह कीर्तिमान स्थापित किये कि हर कोई उनका मुरीद बन गया। बस फिर क्या था अगले 13वें सत्र में भी जब युवा संगठन का नेतृत्व चुनने का मौका आया तो सभी ने अपना विश्वास श्री काल्या के पक्ष में ही व्यक्त करते हुए उन्हें ही पुन: युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी। वर्तमान सत्र में भी श्री काल्या अपनी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद युवा शक्ति के विकास के लिये तन-मन-धन से जुटे हुए हैं।


स्व-व्यवसाय को बनाया आजीविका

भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा नगर के ख्यात व्यवसायी एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री बसन्तीलाल काल्या के यहां 1 नवम्बर 1979 को श्री काल्या का जन्म हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गुलाबपुरा से ही प्राप्त की। इसके पश्चात मास्टर डिग्री वाणिज्य संकाय व तदुपरांत एमबीए की शिक्षा ग्रहण की।

शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात भी नौकरी की राह न चुनते हुए अपने पैतृक एक्सप्लोसिव व्यवसाय को ही चुना। कर्तव्य परायणता एवं कार्य कुशलता का परिचय देते हुए इसको तो शिखर पर पहुँचाया ही, साथ ही रियल एस्टेट व्यवसाय में भी प्रवेश कर लिया। अपने कुशल प्रबंधन के परिणामस्वरूप श्री काल्या ने इस व्यवसाय में अनेक शिखरतम सफलताएँ अर्जित कीं।

इसके तहत श्री काल्या कई शहरों में अनेक आवासीय/वाणिज्यिक/इंडस्ट्रीयल टाउनशिप प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं। इसके साथ कम उम्र में ही एग्रो फार्मिंग, माईनिंग, वाटर पार्क, फाइनेंस व मीडिया संबंधित व्यापार व्यवसाय में भी अपनी उन्होंने अमिट छाप छोड़ी है। श्री काल्या की कारोबारी कंपनियां आईएसओ 9001-2000 से प्रमाणित हैं।


संस्कार के रुप में मिली समाजसेवा

समाजसेवा की प्रेरणा श्री काल्या को पैतृक रूप से विरासत में ही प्राप्त हुई। श्री काल्या के पिता श्री बसन्तीलाल काल्या एवं माता श्रीमती मनोरमादेवी काल्या भी समाज के विभिन्न पदों पर रहते हुए समाज की सेवा में लगे हुए हैं। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन के तत्कालीन अध्यक्ष अशोक इनाणी के गुलाबपुरा के अल्प प्रवास के दौरान ही उनकी निगाहें श्री काल्या के समाज प्रेम एवं कर्तव्यनिष्ठा पर पड़ी। फलस्वरूप श्री इनाणी ने इनको अपने संगठन की कार्यसमिति का सदस्य मनोनीत कर दिया। बैठकों में इनकी नियमित उपस्थिति एवं समयबद्धता ने सभी को आकर्षित किया।

अपनी व्यावसायिक व्यस्तता के बावजूद भी समाज संगठन की बैठकों में उनकी यह उपस्थिति अपने आप में उनके समाज प्रेम को व्यक्त करती है। उनकी इन सेवाओं ने युवा संगठन ही नहीं बल्कि समाज के लगभग सभी संगठनों में उनकी एक प्रतिष्ठित पहचान बना दी। श्री काल्या ने अपनी तीक्ष्ण बौद्धिक क्षमता व समर्पित भाव से उद्योग व्यवसाय में तो सफलता का शिखर छुआ ही, समाज सेवा में भी एक कीर्तिमान स्थापित किया।

उनकी युवा संगठन में सेवा यात्रा उनके व्यावसायिक कैरियर के साथ ही प्रारंभ हो गई थी। व्यवसाय व समाजसेवा उचित तालमेल से किस तरह सफलतापूर्वक साथ चल सकती है, उसका आदर्श श्री काल्या का जीवन स्वयं है। उन्होंने बिना किसी बाधा के दोनों ही क्षेत्रों में शिखर की ऊँचाई प्राप्त की।


ऐसे सतत चली सेवा यात्रा

वर्ष 2006 में अहमदाबाद में आयोजित क्रीड़ा प्रतियोगिता में तत्कालीन महासभा सभापति रामपाल सोनी की उपस्थिति में श्री काल्या को अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन के नवम् सत्र का सांस्कृतिक मंत्री नियुक्त किया गया। इस प्रकार श्री काल्या ने यह ऊँचाइयां अपनी शादी से पूर्व अल्पायु में ही प्राप्त कर ली।

6 फरवरी 2007 को भीलवाड़ा निवासी राधेश्याम कचौलिया की पुत्री दिव्या के साथ परिणय सूत्र में बंधे। श्री काल्या के दो पुत्र रचित ओर रिषित हैं। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन के दशम सत्र में आपने कुशलतापूर्वक कोषाध्यक्ष पद के दायित्व का निर्वहन किया। 11वें सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में समाज और संगठन को एक नई दिशा देते हुए सफलतापूर्वक दायित्वों का निवर्हन किया।

इनकी कार्यकुशलता एवं नेतृत्व क्षमता को देखते हुए ही अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन की कार्यसमिति की बैठक में श्री काल्या को 12वें सत्र के लिये प्रथम बार निर्विरोध रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। इसके पश्चात् जब 13वें सत्र के लिये अध्यक्ष चयन का फिर मौका आया तो सभी की पहली पसंद श्री काल्या ही बन गये।


लोहार्गल भवन व युवा फाउण्डेशन की सौगात

श्री काल्या के नेतृत्व में युवा संगठन ने 12वें सत्र में जो कार्य किये, वे इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गये। इन्हीं ने उन्हें युवा संगठन से आगे बढ़कर आम समाजजन का भी चहेता बना दिया। उनके इस कार्यकाल की सबसे बड़ी पहली उपलब्धि लोहार्गल भवन का निर्माण पूर्ण कर उसे समाज को समर्पित करना था। इसके साथ ही युवा फाउंडेशन के गठन के द्वारा समाज की प्रतिभा के चुहुंमुखी विकास के लिये पंख लगा दिये।

श्री काल्या के नेतृत्व में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन द्वारा द्वादश सत्र में चारधाम बैठक, 5 कार्यकारी मंडल एवं 13 कार्यसमिति बैठक, लोहार्गल भवन लोकार्पण, 47 हजार से अधिक यूनिट रक्तदान, युवा शिक्षा रत्न सम्मान, खेल महोत्सव, राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘कौन बनेगा सुपरस्टार’, बिजनेस कॉक्लेव ‘युवमन’, योग दिवस, सदस्यता अभियान, पर्यावरण दिवस इत्यादि का सफलतम आयोजन हुआ। युवा संगठन के ट्रस्ट ‘श्री बसन्तीलाल मनोरमादेवी काल्या अ.भा.माहेश्वरी युवा फाउंडेशन’ का भी 1,00,00,000/- रुपये की राशि से गठन किया गया।


कोरोना काल में भी चलीं सेवा यात्रा

त्रयोदश सत्र में कोरोना की विकट परिस्थिति के बावजूद राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘हम हैं सुपरस्टार’ 2500 से अधिक युवा साथियों की उपस्थिति में ऐतिहासिक सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। लोहार्गल धाम में मंदिर निर्माण शुरू हुआ। कोरोना महामारी एवं लोकडाउन में 3600 जरूरतमंद माहेश्वरी परिवारों को 54,00,000/- रू. से अधिक की राशि की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

कोरोना की दूसरी लहर में 150 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को 3,00,000/- रू. से अधिक की सहायता राशि काल्या परिवार के ट्रस्ट ‘श्री बसन्तीलाल मनोरमा देवी काल्या फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान की गई। माहेश्वरी बिजनेस एक्सपो, स्टार्टअप न्यू बिजनेस आइडिया कॉन्टेस्ट, माहेश्वरी बिजनेस मार्ट, युवा शिक्षा रत्न, ब्रेन-हंट, जरूरतमंदों को इंश्योरेंस पॉलिसी, महेश आवास योजना, कौन बनेगा करोड़पति एवं कपिल शर्मा शो, श्री बसन्तीलाल मनोरमादेवी काल्या अभा माहेश्वरी युवा फाउंडेशन द्वारा पारितोषिक वितरण, सेल्फी विद सैपलिंग, योगाभ्यास, लाइव सिंगिंग कंसर्ट, धन्यवाद सुपरस्टार, मां तुझे प्रणाम, महेश नवमी महोत्सव, विश्व पर्यावरण दिवस, विश्व योग दिवस, इत्यादि कार्य संपन्न किए गए।

रमेशजी दमानी, मधुसूदन केला, मंगलम मालू, चंदन तापड़िया,डॉ विवेक बिंद्रा, शिव खेड़ा, अनन्या बिरला, प्रकाश देसाई, किरण बेदी, मनोज जोशी व सोनू सूद, विश्वनाथ आनंद, स्मृति इरानी, दिलीप जोशी ‘जेठालाल’ से समाज बंधुओं को रूबरू कराया गया। 15 कार्यसमिति बैठक एवं 4 कार्यकारी मंडल बैठक का आयोजन किया जा चुका है।

सोमनाथ, गंगासागर, वेष्णो देवी मां के दर्शनों के साथ कार्यसमिति बैठक आयोजित हो चुकी है। विधान में संशोधन किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेल महोत्सव ‘AIMS’ का आयोजन जोधपुर में सम्पन्न हुआ। ABMYS कनेक्ट बिजनेस ऐप को युवाओं और समाज बंधुओं को उपलब्ध कराया जो आज के परिपेक्ष में श्रेष्ठतम कार्य साबित होगा। जल्द ही ‘युवा कुंभ’ का आयोजन कराया जायेगा।


लोहार्गल धाम में अब भव्य मंदिर निर्माण

समाज के उत्पत्ति स्थल लोहार्गल धाम में माहेश्वरी भवन का वास्तु पूजन व लोकार्पण 12वें सत्र में ही हो चुका है। अब लोहार्गल धाम भवन परिसर में ही भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें शिव परिवार की प्रतिमाएं, भगवान उमा-महेश संग 72 उमराव एवं गुरुजनों की प्रतिमाएं तथा माहेश्वरी समाज की समस्त ‘कुलदेवियों’ के स्वरूप की प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। मंदिर संपूर्ण मार्बल में बनाया जा रहा है।

मंदिर निर्माण के लिए फाउंडेशन का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। अल्प समय में ही लगभग 150 परिवारों द्वारा कुलदेवियो की प्रतिमाओं की स्थापना हेतु 1-1 लाख रु. की सहयोग राशि प्रदान करने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है एवं 11 लाख रु. व इससे अधिक राशि का सहयोग प्रदान करने की स्वीकृति के रूप में समाज के दानदाताओं द्वारा लगभग 1.25 करोड़ रु. की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

मंदिर निर्माण हेतु युवा संगठन के विभिन्न राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रादेशिक संगठनों द्वारा 1 करोड़ रु. की सहयोग राशि एकत्रित करने का आश्वासन प्रदान किया गया है। मंदिर निर्माण हेतु सलाहकार समिति एवं मंदिर निर्माण समिति का गठन किया जा चुका है।


सेवा में चहुंमुखी योगदान

श्री काल्या की छवि समाज में एक ऐसे जननायक के रूप में है, जो स्वयं तो तन-मन-धन से समाज की सेवा करते ही हैं, साथ ही अन्य को भी प्रेरित करने में पीछे नहीं हैं। श्री काल्या के प्रयासों से अयोध्या में ‘‘शौर्य भवन जन उपयोगी सेवा केंद्र’’ के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।

श्री काल्या ने लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि से ‘‘बसन्तीलाल मनोरमादेवी काल्या ट्रस्ट” की भी स्थापना की है, जो विशिष्ट जरूरतमन्दो की मदद करेगा। इसके साथ ही श्री काल्या शिक्षा, समाजसेवा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सांस्कृतिक शिक्षा, योग प्रोत्साहन, खेल प्रोत्साहन आदि में भी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से सतत योगदान देते रहे हैं। उनके योगदानों के लिये ‘‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड-2021’’ द्वारा प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री राजस्थान व लोकसभा अध्यक्ष द्वारा प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हो चुके हैं।


कई संस्थाओं से भी सम्बद्ध

शौर्य भवन जनोपयोगी सेवा केन्द्र, अयोध्या, श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट, श्री बसन्तीलाल मनोरमादेवी काल्या अभा माहेश्वरी युवा फाउंडेशन व श्री नाकोडा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी, एबीएमएम माहेश्वरी रिलीफ फाउंडेशन के संरक्षक हैं।

श्री बांगड़ माहेश्वरी मेडिकल वेलफेयर सोसायटी, श्री प्राज्ञ कुंदन वल्लभ हॉस्पिटल, श्री बद्रीलाल सोनी शिक्षा सहयोग केन्द्र, श्री कृष्णदासजाजू स्मारक ट्रस्ट, अखिल भारतीय एजुकेशनल ट्रस्ट, कोटा, अखिल भारतीय एजुकेशनल ट्रस्ट, मुम्बई व श्री आदित्य विक्रम बिडला व्यापार संहयोग केन्द्र के ट्रस्टी के रूप में सेवा दे रहे हैं। प्रबंधकारिणी सदस्य – श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर व कार्यसमिति सदस्य – अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के रूप में भी आप सेवा दे रहे हैं।