मेड़ता। माहेश्वरी समाज की महिलाएं पूरे विश्व में देश का नाम रौशन कर रही हैं। ऐसी ही गोल्ड कोस्ट में रहने वाली भारतीय ऑस्ट्रेलियन समाज की डॉ. आरती बजाज हैं, जो मूल रूप से नागौर के मेड़ता सिटी की हैं। बीते 5 सालों से ऑस्ट्रेलिया में आरती का नाम भारतीय व ऑस्ट्रेलियाई समाज की ओर से बड़े ही गर्व से लिया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि आरती उन चुनिंदा आर्टिस्ट में शामिल हैं जो कई नेशनल और इंटरनेशनल अवार्ड जीत चुकी हैं।

गत दिनों गोल्ड कोस्ट शहर में उन्होंने वूमन ऑफ़ द ईयर अवार्ड जीतकर एकबार फिर भारत का मान बढ़ाया है। मेड़ता के भंवरलाल बजाज की पुत्रवधु डॉ आरती पवन बजाज ने ऑस्ट्रेलिया में गोल्डकोस्ट वूमन ऑफ़ द ईयर अवार्ड जीता है।
इस अवार्ड में 7 अलग-अलग श्रेणियों को शामिल किया गया था, जिसमें आर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट श्रेणी में आरती बजाज ने अंतिम तीन में जगह बनाई और उसके बाद गोल्डकोस्ट वूमन ऑफ़ द ईयर का खिताब अपने नाम किया।
आरती यहाँ पर आर्ट्स के क्षेत्र में भी कार्य कर रही हैं। वाइल्ड ड्रीमर प्रोडक्शन और नाइन एक्सप्रेशंस जैसी कंपनियों के जरिये आरती ने भारतीय और ऑस्ट्रेलियन समाज की महिलाओं को आर्ट्स से जोड़ा है।
दुनिया को दिखाया था मीरा का ‘दिव्य प्रेम’
ऑस्ट्रेलिया में पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट व सोनोग्राफर आरती अपने दो बच्चों को भी संभालती हैं। मगर इसके अलावा वह जो करती हैं, वो वाकई में अद्भुत है। वह भारतीय ऑस्ट्रेलियन समाज की महिलाओं को साथ लेकर रंगमंच के एक सफर पर निकल पड़ी हैं।
आरती का आठ साल की उम्र से ही कला के प्रति अनूठा लगाव है। आरती ने आर्ट्स के जरिए दुनिया को मीरा के ‘दिव्य प्रेम’ यानी कृष्ण भक्ति के दर्शन कराए थे।









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