करत करत अभ्यास ते
'करत करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान, रसरी आवत जात ते सिल पर परत निशान।'खम्मा घणी सा हुक्म ज़णे भी काम आपरे मन रो...
इंसान रो सम्मान
खम्मा घणी सा हुक्म बड़ा बड़ा मंत्रियों ने सम्मान करता देख या बात मन में आवे हुक्म कि असली सम्मान रा पात्र कुण है...
दिखावे री होड़
खम्मा घणी सा, हुक्म एक जमानो हो जण बातों सुं फुर्सत नही मिलती थी , अब तो हुक्म बच्चा मां-बाप संग बात करण वास्ते...

