आर आर ग्लोबल के नए कॉर्पोरेट ऑफिस का भव्य शुभारम्भ

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अपने उत्कृष्ट उत्पादों व से विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले काबरा परिवार के उद्योग समूह आर आर ग्लोबल के नए कॉर्पोरेट ऑफिस का शुभारम्भ वड़ोदरा में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ स्वामी श्री गोविंद गिरीजी महाराज के कर कमलों से हुआ। इसके साथ ही स्वामी श्री गोविंदगिरी महाराज के सान्निध्य में सत्संग व संत समागम का आयोजन भी हुआ।

वड़ोदरा निवासी त्रिभुवन काबरा (भाईजी) एवं समस्त काबरा परिवार के आग्रह पर परम श्रद्धेय स्वामी श्री गोविन्ददेव गिरी जी महाराज (कोषाध्यक्ष श्री राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या) वड़ोदरा पधारे। स्वामी जी के पदार्पण से काबरा परिवार, राम रत्ना समूह व काबरा परिवार द्वारा संचालित वेद संस्कृत महाविद्यालय के वैदिक छात्रों एवं आचार्यो में मानो नव ऊर्जा समा गई।

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 14 अप्रैल को सुबह आर आर ग्लोबल के नए कॉर्पोरेट ऑफिस का शुभारम्भ स्वामी जी की पावन निश्रा में अभिजित मुहूर्त में वैदिक पूजा पद्धति से महेश काबरा एवं विधि काबरा के हाथों से पूजा के साथ हुआ। स्वामी जी ने द्वार स्थित गणपतिजीका आवाहन, स्वस्ति मंगलाचरण कर पद्मश्री रामेश्वरलाल काबरा (बापूजी), श्रीमती रत्नीदेवी काबरा (माँजी), समस्त काबरा परिवार और रामरत्ना समूह के सदस्यों के साथ मंत्रोच्चार पूर्वक प्रवेश किया।

शुभ मुहूर्त में स्वामी जी ने महेश काबरा एवं विधि काबरा का उनके कक्ष (ऑफिस केबिन) में वेद मंत्रो द्वारा पुण्यावाचन कलश के जल से अभिषेक किया और कीर्ति, लक्ष्मी, आयुष्य के आशीर्वचन प्रदान किए। स्वामी जी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से समाजजनो को सम्बोधित किया और राम रत्ना समूह की प्रगति, धर्म और अर्थ के कार्यो की सराहना की।

इसी दिन शाम को काबरा परिवार के निवास पर सत्संग का आयोजन हुआ। इस अवसर पर स्वामी जी ने गाय से मिलने वाले अकल्पनीय लाभों से सभी को परिचित करवाया। साथ ही अपने स्वयं के अनुभवों की स्मृति को सहज भाव से प्रस्तुत किया कि किस तरह गाय के घी से उनकी आँखें ठीक हुई थी।


गौ विषयक संवाद कार्यक्रम का आयोजन

अगले दिन 15 अप्रैल चैत्र शुक्ल चतुर्दशी को पूज्य स्वामी जी की पावन निश्रा में प्रातः कालीन सत्र के माध्यम से गौ विषयक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इसमे मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संतोष सहाने (पुणे-महाराष्ट्र), भीमराज शर्मा (जयपुर-राजस्थान) तथा राजु भाई आपटे (मुंबई-महाराष्ट्र) उपस्थित थे।

श्री काबरा ने स्वामीजी से विनम्र आग्रह किया कि वे ‘‘उमा गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान’’ के संरक्षक के रूप में सदैव अपना मार्गदर्शन प्रदान करते रहें। स्वर्गीय उमाजी की गायो के प्रति सेवा के इस सेवारथ को आगे बढ़ाते हुए स्वयं भाईजी ने अपना शेष जीवन गौमाता की सेवा में लगाने का शुभ संकल्प लिया।

भाईजी ने इस अवसर पर स्वर्गीय उमाजी की शेष स्मृतियों को याद किया। उन्होंने संकल्प किया कि विजिबल मीडिया के माध्यम से समाज के अधिकतम जनमानस तक इस विषय को पहुचाएंगे। इस हेतु से उन्होंने उमा गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान के अंतर्गत एक कमेटी का गठन किया। इसमें त्रिभुवनप्रसाद काबरा-अध्यक्ष, वीरेंद्र पांचाल- कार्याध्यक्ष तथा दुष्यंत भाई पटेल–महामंत्री के रूप में शामिल हैं।


सायंकाल भोजन के साथ फिर सत्संग

सायंकाल में दुष्यंत भाई पटेल के निवास स्थल पर उनके परिवारजन व गुजराती समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ-साथ कई और महानुभाव उपस्थित हुए। उन सभी को भोजन प्रसादी के पश्चात पूज्य स्वामीजी ने पारिवारिक विषय पर अपने अमृततुल्य आशीर्वचन प्रदान किये।

आपने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ हमारे सनातन धर्म का मूल संस्कार एवं विचारधारा रही है। गृहस्थाश्रम श्रेष्ठ है। हमारे धर्म शास्त्रों में भी कहा गया है ‘धन्यो गृहस्थाश्रमः’। इस विषय को आपने बड़े सहज और सरल शब्दों में बताया कि बच्चों और बड़ों का परिवार में क्या दायित्व होता है? उसे कैसे निभाना चाहिए?

स्वामीजी के अमृत वचनों से लाभान्वित होने के लिए सभी पाठशालाओ के गुरुजन सम्मलेन के द्वितीय सत्र में भी एकत्रित हुए। गुजरात राज्य संस्कृत पाठशाला मंडल की ओर से स्वामीजी को संस्कृत मंगलाष्टक प्रदान किया गया।


उमा गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र का भूमिपूजन

स्वामी जी के कर कमलो द्वारा काबरा परिवार और राम रत्ना समूह के महानुभावों की उपस्थिति में प्रातः उमा गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान का भूमिपूजन हुआ। इस वैदिक पूजन का लाभ समूह के कर्मठ कर्मचारी सदाशिव पाटिल ने अपनी धर्मपत्नी के साथ प्राप्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार द्वारा पूज्य स्वामी जी ने प्रारंभ में श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया और तत्पश्चात भूमि के देवो को वंदन कर उमा गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान के निर्माण कार्य का मंगल शुभारम्भ किया।

विजय श्री हनुमान संस्कार केंद्र में बिराजमान विजयश्री हनुमान जी महाराज के साथ पंचायतन देवों के दर्शन कर पूजा विधि की। केंद्र परिसर में आयोजित वैदिक सम्मेलन में समस्त गुजरात की संस्कृत और वेद पाठशाला के आचार्य एवं अध्यापको के साथ पूज्य स्वामी जी ने वेदों के संवर्धन हेतु एक आदर्श महाविद्यालय के निर्माण हेतु सभी को मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस वैदिक सम्मेलन में कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रूपकिशोर शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अन्य गुजरात की कई संस्कृत एवं वेद संस्थाओ से भी विद्वानों की उपस्थिति रही।


स्विच फैक्ट्री का शुभारम्भ

स्वामीजी के करकमलों से आर आर कॉबेल की एक नई इकाई स्विच फैक्ट्री का प्रारंभ भी हुआ। इस फैक्ट्री को शुरू करने में भाईजी, महेश काबरा और आशीष लोया का योगदान रहा। GIDC से आये अनेक कार्यक्षेत्र के गणमान्य बंधुओ को आपने अपने मंगल वचनों से कृतार्थ किया।

गौमाता की सेवा में सदैव तत्पर रहने का संकल्प करने वाले श्री भाईजी का स्वामीजी ने माला पहनाकर, शाल ओढ़ाकर एवं प्रसाद देकर सत्कार किया। भाईजी ने इस अवसर पर पधारे सभी सन्मानितजनों और महानुभाओं का आभार व्यक्त किया।


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