लेखनी से स्नेह के रंग सजाती- Rajshree Rathi

Date:

कलम में तलवार से भी अधिक शक्ति होती है, क्योंकि तलवार कभी रिश्तों को जोड़ नहीं सकती। यह काम तो सिर्फ लेखनी ही कर सकती है। अकोला निवासी राजश्री राठी (Rajshree Rathi) एक ऐसी ही साहित्यकार हैं, जिनकी लेखनी रिश्तों में स्नेह के रंग भरकर उन्हें सजाने में अपना सतत् योगदान दे रही है।

अकोला निवासी लेखिका राजश्री राठी की साहित्य जगत में पहचान उनके विशिष्ट सकारात्मक लेखन के लिये है। राष्ट्र के अनेक पत्र, पत्रिकाओं में उनके आलेख, लघुकथाएँ निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। दिल्ली पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित गृहशोभा, सरिता में भी इनकी कहानियां प्रकाशित होती रहती हैं। विषय मन को छूने वाले रहने से आम पाठकों को पढ़ने में रूचि आती है। इनकी सोच का सागर बहुत गहरा है, यह प्रसिद्ध साहित्यकारों ने जान लिया और सतत प्रोत्साहित करने लगे।

बचपन से ही गद्य विधा में लेखन के प्रति रुचि रही है इनके लेखो में पारिवारिक एकता, सकारात्मकता, संस्कार जगाओ संस्कृति बचाओ, दिशाहीन होती युवा पीढ़ी, कुरीतियों पर रोकथाम जैसे अनेक विषयों पर चिंतन किया है। मुंबई साहित्य अकादमी द्वारा इनके कथा संग्रह ‘नवभोर’ के प्रकाशन हेतु इन्हें अनुदान प्राप्त हुआ है और पुस्तक प्रकाशित होकर तैयार है। आजकल श्रीमती राठी छंदमुक्त कविताएं भी लिख रही हैं। अब तक नि:स्वार्थ भाव से आप समाज में अपनी लेखनी के माध्यम से सेवाएं देती आयी है।


परिवार से मिली साहित्य की प्रेरणा

श्रीमती राठी मानवीय मूल्यों पर चिंतन कर अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा लाते हुए कुछ अनावश्यक आडंबरों पर रोकथाम करने हेतु सतत प्रयासरत हैं। इसकी प्रेरणा उन्हें अपनी माँ से मिली थी। 13 अगस्त 1975 में अकोला शहर में इनका जन्म हुआ।

पिता स्वर्गीय श्री गुलाबचंद लाहोटी अत्यधिक अनुशासनप्रिय रहे और माता चंदादेवी लाहोटी बहुत ही मृदु भाषी सेवाभावी कर्मठ व्यक्तित्व की धनी। 2 जून 1996 को इनका विवाह अकोला के व्यवसायी श्री रेखचंद राठी के सुपुत्र सुरेश राठी के संग हुआ। सरल, मृदु स्वभाव इन्हें अपनी मॉं से विरासत में मिला जिसके चलते कभी आहत होने पर भी यह स्वयं को संयमित रखते हुए अपने मन के भाव लेखनी के माध्यम से उजागर करती रही हैं। ससुरजी और पति देव लेखन के क्षेत्र में उनके प्रेरणा स्त्रोत बनें।


पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ कलम साधना

बेटा रोहित सीए की पदवी प्राप्त कर चुके हैं और बिटिया कोमल राठी अध्ययनरत हैं। संयुक्त परिवार में रहते हुए भी वे अपनी रुचि को विकसित कर रही हैं। गृह कार्य करते हुए अपने मन के भीतर कल्पनाओं के सागर को निरंतर बहने देतीं और अवसर मिलते ही अपनी कल्पनाओं को शब्दों में पिरोने के लिए उत्सुक रहतीं। विदर्भ प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा इन्हें समय समय पर नाट्य लेखन एवं मंचन के अनेक अवसर प्राप्त हुए है।

‘रक्तदान’ इनकी पहली नाटिका थी जिसे विदर्भ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ और आगे कोलकाता में नव आरोहण अधिवेशन के दौरान यह नाटक राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हुआ। ‘रक्तदान’ से संबंधित गलत भ्रांतियों को दूर करती हुई इस नाटिका के माध्यम से जनता में जागृति लाने का प्रयास किया गया।

रक्त की आवश्यकता और पूर्ति में बहुत बड़ा अंतर रहने से यह निम्न वर्ग तक पहुंच नहीं पाता और रक्त के अभाव के चलते असंख्य लोगों की मौत हो जाती है। हर इंसान अनेक रिश्तों में बंधा होता है, सभी का जीवन महत्त्वपूर्ण है, यह भी इस नाटक में दर्शाया गया।


फिर चलती सतत साधना

जनजागरण के रूप में प्रारम्भ उनके साहित्य सृजन इसी मार्ग पर चलता ही चला गया। इसके पश्चात ‘नया कदम’ नाटक में विधवा पुनर्विवाह पर प्रकाश डालने की कोशिश की। स्थानीय शहर में कई नाटकों का लेखन एवम् मंचन किया है जिसमें संयुक्त परिवार, तलाक, परिवर्तन जिंदगी के संग, परिवारों में बढ़ती दूरियां जैसे अनेक विषयों का समावेश रहा है।

अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा ‘नारी का योगदान, समाज और राष्ट्र निर्माण में’ नाटक लेखन प्रतियोगिता रखी गई थी। जिसमें संपूर्ण राष्ट्र में इन्हें द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। राष्ट्रीय एवं विदर्भ स्तरीय नाटक और अन्य विषयों पर लेखन तथा निबंध प्रतियोगिता में कई पुरस्कार अर्जित किए।


Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Sri Maheshwari Times- March 2026 Edition

Check out Sri Maheshwari Times March 2026 'Mahila Visheshank'...

Varshika Gaggar को अमेरिका मे गोल्ड मेडल

नागौर। स्व. श्री महादेवजी एवं स्व. श्रीमती गीता देवी...

Sri Maheshwari Times- February 2026 Edition

Check out Sri Maheshwari Times February 2026 Edition on...

Ashva Ratna Mudra for Concentration

अश्व रत्न मुद्रा (Ashva Ratna Mudra) का अभ्यास एकाग्रता...