श्री श्यामगढ़ माताजी माहेश्वरी समाज की लोहिया खाँप की कुलदेवी हैं। अन्य जातियों के लोगों की भी माताजी में अपार श्रद्धा है। मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र में श्री श्यामगढ़ माताजी को ‘सामला व सायन माता’ के नाम से भी जानते हैं।
श्री श्यामगढ़ माताजी का मंदिर राजस्थान में अजमेर जिले की मसूदा तहसील में ब्यावरा शहर के समीप श्यामगढ़ गाँव में स्थित है। मंदिर अतिप्राचीन है जिसका वर्तमान स्वरूप पुनर्निमित है। श्यामगढ़ बहुत पुराना गाँव है, यहाँ एक बहुत पुराना किला भी स्थित है जिसके कारण ही इस गाँव के नाम के साथ ‘गढ़’ शब्द जुड़ा हुआ है।
पुरातात्विक महत्व:
ग्राम श्यामगढ़ में स्थित किला कितने वर्ष पुराना है, इसकी जानकारी तो स्थानीय स्तर पर नहीं है। लेकिन उसके बारे में कई किवदंतियाँ अवश्य प्रचलित हैं। कहते हैं कि इस किले में एक बहुत लम्बी गुफा (सुरंग) स्थित है जो यहाँ से पुष्कर तीर्थ पर निकलती है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पुलिस से बचने के लिये नेताजी सुभाषचंद्र बोस भी अपने साथियों के साथ यहाँ आकर ठहरे थे।
क्षेत्रीय आस्था:
बताया जाता है कि श्री श्यामगढ़ माता मंदिर में हर शनिवार को एक महिला गीतादेवी को ‘ईष्ट’ आती हैं। वह इसी मंदिर में रहकर यहाँ माताजी की सेवा करती है। पहलें इनकी माता को ‘ईष्ट’ था। इस दिन दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्री श्यामगढ़ माताजी के प्रति श्रद्धालुओं में इतनी श्रद्धा हैं कि देश के कई भागों से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर यहाँ आते हैं। नवरात्रि में भी यहाँ मेला लगता है।
कैसे पहुँचें:
अजमेर जिले की मसूदा तहसील के ५५ कि.मी. दूर स्थित कस्बे ब्यावरा से सड़क मार्ग से १९ किलोमीटर दूर अंधेरी देवरी स्थित है। यहाँ से तिराहा गाँव चौराहा ७ कि.मी. की दूरी पर है। इस से बायीं ओर से जाने वाले मार्ग से १२ कि.मी. की दूरी पर ग्राम श्यामगढ़ है जहाँ माताजी का मंदिर स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिये बस व जीप उपलब्ध हो जाती हैं।









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