आनंद राठी

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वित्त व्यवसाय वह महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, जिस पर देश के उद्योग धंधो सहित संपूर्ण विकास की जिम्मेदारी निहित होती है। वैसे तो देश ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के उद्योग व्यवसाय में माहेश्वरी समाज का अत्यधिक योगदान है। ऐसे में अधिकाँश वित्त व्यवसाय भी धनकुबेर कहे जाने वाले इस समाज के हाथों में ही निहित रहा है। देश ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों में “आनंद राठी” समूह वित्त व्यवसाय में एक ऐसा विश्वसनीय व विशेषज्ञता से परिपूर्ण नाम है, जिस पर कोई भी कोर्पोरेट या बैंकिंग क्षेत्र आँख मूंदकर विशवास करता है। देश विदेश में 800 से भी अधिक कार्यालयों द्वारा उनकी कंपनी अपनी वित्तीय सेवा दे रही है। इस प्रतिष्ठित कंपनी के संस्थापक व प्रमुख जोधपुर निवासी आनंद राठी को वित्तीय सेवाओं के लिए माहेश्वरी ऑफ़ द ईयर 2018 अवार्ड प्रदान करते हुए माहेश्वरी टाइम्स परिवार गौरवान्वित है।

देश के शीर्ष वित्तीय सेवा प्रदाताओं का उल्लेख हो और उसमे जोधपुर निवासी सीए आनंद राठी का उल्लेख न हो, ऐसा कभी हो नहीं सकता। कारण यह है की उन्होंने न सिर्फ कई कॉर्पोरेट्स बल्कि उनकी जहाँ भी कही आवश्यकता लगी अपना योगदान अवश्य ही दिया है। आप पिछले
तीन दशकों से अपने दीर्घकालीन अनुभवों से निजी क्षेत्र में आर्थिक नियोजन एवं पूँजी बाजार में प्रबंध सलाहकार के रूप में विशिष्ट स्थान रखते है।

वर्तमान में श्री राठी “आनंद राठी समूह(एआरजी)” की कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्रुप भारत की तीव्र विकसित सेवा प्रदाता वित्तीय संस्था है, जो धन प्रबंधन, विनियोग, बैंकिंग कॉर्पोरेट, फाइनेंस व सलाह, इक्विटीज के क्षेत्र में ब्रोकरेज व डिस्ट्रीब्यूशन, वस्तुएं, म्यूच्यूअल फण्ड और बीमा आदि की सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आनंद राठी ग्रुप के भारत में 800 से अधिक स्थानों पर तथा विदेश में बैंकॉक, दुबई और हॉंग-कांग में भी कार्यलय है। यह आपकी अपूर्व उद्यमता तथा कौशलता का परिचायक है।

मात्र 20 वर्ष की आयु में बने सीए:

भारत की सूर्यनगरी जोधपुर(राजस्थान) में मध्यमवर्गीय परिवार में श्री नंदकिशोर एवं श्रीमती गोदावरी देवी राठी के यहाँ श्री राठी का जन्म 25 जून 1946 को हुआ। मेधावी एवं कुशाग्र बुद्धि के श्री राठी ने कालानी एंड कंपनी जोधपुर की प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म के अंतर्गत मात्र 20 वर्ष की अवस्था में अखिल भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा सन 1966 में सर्वप्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक के साथ उत्तीर्ण की। सीए करने के पश्चात डीसीएम दिल्ली से कार्य प्रारम्भ कर पांच वर्ष वहां कार्य किया, फिर दो वर्ष स्वदेशी पॉलीटेक्स लिमिटेड से जुड़े रहे।

सन 1974 में आप आदित्य बिरला समूह के इंडियन रेयान से जुड़े और दो दशकों तक इस ग्रुप के अनेक उद्योगों जैसे रेयोग फिलामेंट, टेक्सटाइल, सीमेंट, केमिकल्स आदि में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे। आपने सन 1986 में बिरला व्हाईट के नाम से सफ़ेद सीमेंट बनाने की फैक्ट्री खारिया खंगार पीपाड़(राजस्थान) के पास स्थापित की। मात्र दो वर्ष में ही बिरला व्हाईट सीमेंट ने पूरे भारत तथा विदेशों में भी अपनी गुणवत्ता की पहचान बना ली।

अपनी अटूट लगन, ईमानदारी, परिश्रम तथा चारित्रिक गुणों के कारण आपने इंडियन रेयॉन को एक छोटी सी कंपनी से बहुराष्ट्रीय विशाल कंपनी में परिवर्तित कर दिया।

ऐसे चला वित्तीय सेवाओं का सफर:

श्री राठी बिड़ला समूह में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन उन्हें संतोष नहीं था। उनका सपना तो बस वित्तीय सेवा में जाना था, जो अभी-भी अधूरा था। बस फिर क्या था, आपने आदित्य बिड़ला ग्रुप में वित्तीय सेवा व्यवसाय की शुरुआत बिड़ला ग्लोबल फाइनेंस और बिड़ला म्यूच्यूअल फण्ड की स्थापना द्वारा की। सन 1994 में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज की सदस्यता मिली और उन्होंने इंडियन रेयान(आदित्य बिड़ला ग्रुप ) के सीनियर प्रेसिडेंट पद से निवृत्त होकर वित्तीय सेवाओं के लिए अपनी स्वयं की कंपनी प्रारम्भ की।

अप्रैल 1999 में आप बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के अध्यक्ष चुने गए तथा इसके दो सत्र तक सफल अध्यक्ष रहे। श्री राठी का विवाह 29 अप्रैल 1968 को पाली निवासी स्व गोरधनदास जी लड्ढा की सुपुत्री सुमन (पुष्पलता) से हुई। दुर्भाग्य से बीमारी के कारण उनका 8 मार्च 2010 को 59 वर्ष की अवस्था में स्वर्गवास हो गया। आपके दो बेटियां व एक बेटा है। बड़ी बेटी प्रीती गुप्ता और दामाद प्रदीप गुप्ता इस फर्म के सहसंस्थापक और संचालक है।

बेटा अमित और पुत्रवधु सुप्रिया भी आपके व्यापार में में प्रबंधक के रूप में सक्रीय है। सबसे छोटी बेटी पूजा और पति विमलेश मारु लंदन में रहते हैं तथा निवेश बैंकिंग कारोबार के साथ जुड़े हुए है। इस तरह देखा जाए तो वर्तमान में ना सिर्फ स्वयं श्री राठी अपितु उनका पूरा परिवार ही वित्तीय सेवा को समर्पित हो चुका है।

समाजसेवा के लिए मुक्तहस्त:

श्री राठी ने शिखर की सफलता प्राप्त की लेकिन इस सफलता का लाभ स्वहित तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने लक्ष्मी को सुलक्ष्मी बनाए रखने के लिए समाजसेवी गतिविधियों में भी सदैव मुक्त हस्त से योगदान दिया। अनुशासनप्रियता, संगठन शक्ति, हमेशा कुछ नए से नया करने की ललक, अथक परिश्रम, दृढ़निश्चय आदि आपके व्यक्तित्व की विशेषताएँ हैं। इन विशेषताओं ने सेवा गतिविधियों को भी पंख लगा दिए। 27 जून 2015 में 85 स्वयंसेवी संस्थाओं को तथा 18 जून 2016 को जोधपुर(राजस्थान) की 151 स्वयंसेवी संस्थाओं को नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सम्मानित कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।

लगभग 15 वर्ष पूर्व जगतगुरु शंकराचार्य श्री राघेश्वर भारती स्वामीजी श्री रामचंद्रपुर मठ गोकर्ण के संपर्क में आए, तब से आप आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यों में भी विशेष रूप से तन-मन-धन से सहयोग प्रदान कर रहे हैं। अपने पैतृक निवास जोधपुर में पिछले कई वर्षों से पू श्री राघेश्वर भारती स्वामी जी की रामकथा, श्री राम जी की विशिष्ट पूजा महाआरती तथा स्वामी गोविंददेव गिरिजी महाराज के श्रीमुख से महाभारत सन्देश आदि धार्मिक आयोजन आपके सौजन्य से ही संपन्न हो रहे हैं।

धर्म संस्कृति को समर्पित:

स्वामीश्री गोविन्दगिरी जी महाराज के भी आप विशेष कृपा पात्र हैं तथा उनके द्वारा स्थापित ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ पुष्कर न्यास के सन 2008 से ट्रस्टी हैं। 15 फ़रवरी 2013 को श्री राठी द्वारा ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ में निर्मित छात्रवास भवन का उदघाटन काँचीकामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वतीजी महाराज के करकमलों से करवाया। सन 2014 में पूज्य स्वामी जी ने श्री राठी को वेद विद्यापीठ पुष्कर का अध्यक्ष मनोनीत किया तब से वे इसके सर्वतोमुखी विकास के लिए कृत संकल्प हैं।

संस्कृत भाषा एवं वेदाध्ययन हेतु विद्यापीठ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए आप पूर्ण लगन एवं परिश्रम के साथ अपना अमूल्य समय प्रदान कर रहे हैं। आपके प्रयासों से ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ पुष्कर के प्रांगण में गत 13 फ़रवरी(शिवरात्रि) को संत निवास का शिलान्यास पद्मविभूषण श्रीमती राजश्री बिड़ला द्वारा परम पूज्य स्वामी गोविंददेव गिरिजी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।

हर जरूरतमंद के सहयोगी:

आप सन 2010 से भक्ति, धर्म एवं सांस्कृतिक ज्ञान के प्रेरक संस्थान ज्ञान मंदिर किशनगढ़(राजस्थान) के अध्यक्ष पद का दायित्व भी निभा रहे हैं। अपने पारिवारिक ट्रस्टों के माध्यम से श्री राठी जरूरतमंद गरीब छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और निर्धन व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में भी उदारतापूर्वक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। अनेक धार्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारी श्री राठी सामाजिक, आर्थिक, नैतिक विकास के प्रमुख चिंतक हैं।

जरूरतमंद लोगों व युवाओं के तो आप सच्चे सहयोगी ही हैं। राजस्थान के हज़ारों युवाओं को न केवल रोजगार दिलाया अपितु श्री राठी उन्हें अपना उद्योग, व्यवसाय लगाने के लिए प्रेरित कर मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे हैं। उद्योगों के सफल संचालन, व्यवहार, कुशलता, मिलनसारिता एवं समाजसेवा के पुनीत कार्यों के लिए उनका व्यक्तित्व युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत ही हैं।


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