करियर के क्षेत्र में संभव है, बस आपके अंदर जूनून होना चाहिए, उस काम को पूरा करने का। ऐसी ही कुछ कहानी है इंदौर निवासी कत्थक डांसर अर्पिता राठी की, जिन्होंने करियर के लिये मुश्किल माने जाने वाले क्षेत्र में भी उन्नति के सोपान तय किये।
कत्थक में करियर बनाने के लिए अर्पिता को लोगों ने ताने मारे कहा इसमें करियर नहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज अर्पिता राठी इंदौर में नादयोग संस्थान से कत्थक में बीए कर चुकी है और कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कत्थक की परफॉरमेंस दे चुकी हैं।
बचपन में तय किया था लक्ष्य
अर्पिता ने बताया कि जब वे 6th क्लास में थीं, तो उनकी गुरु रागिनी मक्खर ने इंडियास गॉट टैलेंट कत्थक परफॉरमेंस अवार्ड जीता था। उसके बाद उन्होंने सोच लिया कि वे भी इसी फील्ड को अपनाएंगी। स्कूल के बाद नागदा में कत्थक क्लास अटेंड करती और 12 के बाद इंदौर के नादयोग गुरुकुल से बीए इन कत्थक किया। अब वे इसी में एमए और पीएचडी करना चाहती है।
अप्रचलित तालों पर करना है काम
अर्पिता ने बताया कि कत्थक में कई तालें होती हैं, कुछ बहुत प्रचलित हैं, तो कुछ अप्रचलित हैं, जैसे 15 ताल आदि। वे इन अप्रचलित तालों में उनका नाम हो और इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रही हैं। अर्पिता कहती हैं कि सफलता के लिए ज़रूरी है कि आपमें जूनून हो और आप लगातार प्रयास करते रहें, जब तक सफलता न मिल जाए।










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