श्री हिंगलाज माताजी माहेश्वरी समाज की बलेदवा और पेड़ीवाल खाँप की कुलदेवी हैं। अन्य समाजों में भी माताजी की अच्छी ख्याती है।
हिंगलाज माताजी का मंदिर बीकानेर में लोदरवा जैन मंदिर के पास लाल गुफा रोड़ पर स्थित है। यह मंदिर भी प्राचीन बताया जाता है लेकिन वर्तमान निर्माण सन् १९८१ में खत्री समाज के अर्जुनदास खत्री ने अपने पिता की पुण्य स्मृति में करवाया था। खत्री समाज भी इन्हें कुलदेवी मानता है।
दर्शनीय स्थल:
वैसे कुलदेवी का मूल मंदिर तो इसे ही माना जाता है फिर भी फतेहपुर में हिंगलाज माता का एक ओर मंदिर भी है जिसकी प्रतिमा २०० वर्ष पूर्व पाकिस्तान के बलूचिस्तान से लाई गई थी। यह स्थल ‘बुद्धगिरी’ मठ के नाम से भी जाना जाता है।
विशिष्ट आयोजन:
प्रतिवर्ष २६ सितम्बर को बीकानेर स्थित माताजी के मंदिर पर भव्य मेला लगता है जिसमें क्षेत्र के लोग तो शामिल होते ही हैं कई जातियों के श्रद्धालु भी दूर-दूर से आते हैं।
कैसे पहुँचें:
श्री हिंगलाज माताजी का मंदिर जैसलमेर से १५ किमी दूर ग्राम लोदर्वा में है। जैसलमेर से बस व निजी टेक्सी से वहाँ पहुँचा जा सकता है। मंदिर की निजी कोई धर्मशाला नहीं है लेकिन लोदर्वा जैन तीर्थ होने से वहाँ जैन धर्मशालाऐं हैं जहाँ ठहरा जा सकता है।










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