श्री जीवण माताजी (चोखड़ा)

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जोधपुर के निकट मण्डोरा कस्बे की जूनी बस्ती में श्री जीवण माताजी का मन्दिर राजस्थान में सम्यक भवन मार्ग पर श्री जैन श्वेताम्बर खतर गच्छ आदेश्वर जिनालय व शाही मस्जिद के पास स्थित है।

वैसे तो मन्दिर का स्थापत्यकाल जोधपुर रियासत की एक समय राजधनी रही मण्डोर में किले के निर्माण काल से ही गोड़कर माना जाता है। श्री जीवण माताजी माहेश्वरी समाज के चोखड़ा खाँप की कुल देवी हैं।

किन्तु पूर्ण खण्डहर हो चुके मन्दिर का विधिवत जिर्णोद्धार 8-9 वर्ष पूर्व सन् 2000 में सामाजिक मित्रों के साथ अनोपचारिक बैठक में बैठे श्री भवनेश माथुर, जोधपुर की आयान की जागी चेतना के फलस्वरूप प्रस्तुत प्रस्ताव की परिणति में तत्काल बनी योजना व उसी समय एकत्रित 61 हजार की सहयोग राशि से प्रारंभ हुआ। अन्य निर्माण अभी चल रहा है।


पूजा व आरती

मन्दिर का समस्त कार्य संचालन कायस्थ समाज की बनी समिति की सम्मति से 90 वर्षीय गीता बाई चौधरी अपनी दोहित्री व सुपौत्री पूनम चौधरी के सहयोग से सम्पन्न करती है। गंगा बाई दोनों समय प्रातः संध्या आरती व पूजन पूर्ण लगन से करती है। इससे पूर्व पूनम चंदजी माथुर यह सेवा कार्य करते थे।


जीवण माताजी उत्सव आयोजन

अक्षय तृतीया के पश्चात की पंचमी (इस वर्ष 29 अप्रेल 09) को स्थापना दिवस पर विशाल पाटोत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है, विशाल भण्डारा भी होता है। इसी प्रकार होली के बाद की पंचमी (इस बार एक मार्च 09) को फागोत्सव भी अच्छे स्तर पर मनाया जाता है।

दोनों (शारदीय व चौथी) नवरात्र को सत्संग, भजन, किर्तन व भोग आदि नौ दिनों तक होता है, माँ को सभी मिष्ठान का भोग लगाया जा सकता है। चमत्कारों की श्रंखला पूर्ण विश्वास से की गई मनौतियां सदैव फलीभूत हुई है।

प्रारंभिक उत्सव पर अत्यन्त छोटे पैमाने पर माय 50 भक्तों के लिये तैयार की गई प्रसादी को 150 से अधिक भक्तों ने ग्रहण कर लाभ लिया एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का अनचाहा स्थानान्तर बच्चों की शिक्षा व पारिवारिक प्रतिकूलताओं के कारण नियुक्त स्थल पर जाने से पूर्व माँ से विनती कर मनौती की व केवल 15 मिनीट के अन्तराल से ही स्थानान्तर स्थागित हो जाने के समाचार का चमत्कार हुआ।

चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में सन्तान सुख भाग्य में नहीं होने लिखा किन्तु माँ की कृपा व मनौती से एक वर्ष में ही सन्तान को गोदी में खिलाया ऐसे कई चमत्कारों की क्रमबद्ध श्रंखला सी है। बेंगलुर के एक माहेश्वरी परिवार प्रतिवर्ष मनौती सिद्ध होने से नियम पूर्वक आते हैं।


श्री जीवण माताजी कैसे पहुंचे

जोधपुर प्रत्येक प्रमुख शहर से रेल, बस व हवाई सेवा से जुड़ा हुवा है। जोधपुर उत्तर पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन भी है। रेलवे स्टेशन के ठीक सामने वाले मार्ग पर स्थित राज रणछोड़ राय मन्दिर के यहाँ से नगर सेवा की बस प्रति 5 मिनटों के अन्तराल से उपलब्ध होती है। 10 कि.मी. की दूरी 15 मिनीटों में तय कर मण्डोर के बस स्टेण्ड पर उतर कर वहाँ से केवल 5 मिनीट की पैदल दूरी पर माँ का मन्दिर है।

कहाँ ठहरे

मंदिर परिसर में दो हॉल व सुलभ सुविधाएं हैं। सम्पन्न स्तर की सुविधाए 10 कि.मी. दूर जोधपुर में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। स्टेशन के सामने सेठ रघुनाथ धर्मशाला सफाई व अन्य कारणों से श्रेष्ठ मानी जाती है।

संपर्क

मन्दिर परिसर: 0291-2529014(गंगाबाई)
श्री भवनेश माथुर: +91-98298-14822, व 0291-2757927
विशेष व अतिरिक्त जानकारी के लिये- प्रहलाद मण्डोवरा २३, तेजानगर प्रखण्ड क्र. एक, रतलाम
फोन: 07412-265159 मो: +91-93290-32320


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