ज़ूम एप्प द्वारा 27 प्रदेशों की 1000 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बनाया रिकॉर्ड
कोटा। लॉक डाउन के दौरान अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से कईं रचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में केवल एक माह में दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में सफलता पाई। अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आयोजित ऑनलाइन कर्म योग-हमारा प्रयास प्रशिक्षण कार्यशाला में जूम एप द्वारा 27 प्रदेशों की 1000 महिलाओं को एक साथ प्रशिक्षण देकर यह गोल्डन रिकॉर्ड बनाया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब इतने बड़े स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है।
व्यक्तित्व विकास एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण समिति की राष्ट्रीय प्रभारी नम्रता बियानी एवं उनकी टीम के प्रयासों से यह दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड मनीष विश्नोई ने ऑनलाइन मीटिंग में आकर वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट अध्यक्ष श्रीमती आशा माहेश्वरी व महामंत्री मंजू बांगड को प्रदान किए। इस कार्यक्रम में एलन संस्था के निर्देशक गोविंद माहेश्वरी एवं गीता परिवार के राष्ट्रीय प्रमुख संजय मालपानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला संगठन की वरिष्ठ रतनी देवी काबरा, कोषाध्यक्ष ज्योति राठी, संगठन मंत्री शैला कलंत्री तथा सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
सभी राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष लता लाहोटी, गीता मूंदड़ा, विमला साबू, शोभा सादानी, सुशीला काबरा, कल्पना गगरानी ने सामाजिक विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए व्यक्तित्व विकास सम्यक उद्बोधन से सब को प्रेरित किया। क्रीम रंग के परिधानों में सुसज्जित सभी बहनों का उत्साह इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के प्रति देखने लायक था। इस कार्यक्रम में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी समिति की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती उर्मिला कलंत्री एवं उनकी टीम भाग्यश्री तथा श्रीमती गिरिजा सारडा का विशेष सहयोग मिला।
बच्चों ने लिया ई-संस्कार में हिस्सा:
इससे पूर्व कोरोना क्राइसिस के ही दौरान जब सभी बच्चे अपने घरों में रह रहे हैं, ऐसे समय में बिना लक्ष्मण रेखा पार किए बच्चों को ई संस्कार वाटिका, मस्ती की पाठशाला के माध्यम से ज्ञानार्जन करने हेतु 15 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय बाल एवं किशोरी विकास समिति की प्रभारी निर्मला मारू एवं सभी सहप्रभारी तथा गीता परिवार के सहयोग से 8 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए रोजाना योग, प्राणायाम, संस्कृत के श्लोक, पठन, क्राफ्ट वर्क, प्रेरक कहानियों से वीडियो द्वारा 6 से 20 मई तक 15 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
विशेष सहयोगी के रूप में कार्यालय मंत्री मधु बाहेती बराबर संपर्क में रही। इस ई संस्कार वाटिका में 17 देशों के लगभग 32000 बच्चों ने भाग लिया। इतनी अधिक संख्या में बच्चो की सहभागिता हेतु इस विशाल एवं अनूठे ऑनलाइन आयोजन के लिए भी अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा महेश्वरी एवं राष्ट्रीय महामंत्री संजय बांगड़ के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के अनूठे एवं अभिनव प्रयासों की सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम में ये थे शामिल:
इस कार्यक्रम में सभी आंचलिक पदाधिकारी किरण लड्डा, शशि नेवर, कलावती जाजू, पुष्पा तोषनीवाल, मंगल मरदा, उषा करवा, ममता मोदानी, सविता पटवारी, मंजू कोठारी एवं गिरिजा सारडा की विशेष भूमिका रही। दोनों समितियों के राष्ट्रीय सह प्रभारी के रूप में व्यक्तित्व विकास से उर्वशी साबू, मधु राठी, मनीषा मूंदड़ा, वर्षा, शोभा भूतड़ा बाल विकास समिति की रंजना भट्टड, नीतू सोमानी, आभा बेली, संगीता बियानी, ज्योति बाहेती ने विशेष योगदान दिया।
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