श्री नौशल्या माताजी माहेश्वरी समाज की खटोड़ खाँप की कुलदेवी हैं। स्थानीय स्तर पर श्री नौशल्या माताजी के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा है। अग्रवाल समाज वाले भी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
श्री नौशल्या माताजी का भव्य मंदिर नागौर जिले के ग्राम जायल में स्थित है। इसकी स्थापना करीबन २००-२५० वर्ष पूर्व हुई थी। यहाँ लगे शिलालेख के अनुसार इस मंदिर का जीर्णोद्धार २१ अप्रैल सन् १९४७ को हुआ। यह मंदिर अपने आप में अनोखा है क्योंकि यहाँ माताजी की प्रतिमा नहीं है। केवल माताजी का त्रिशुल बना हुआ है जिसकी शक्ति स्वरूप में मांडना मांडकर पूजा होती है।
नवरात्रि में विशेष श्रंगारित त्रिशुल की रचना होती है। आम श्रद्धालुओं की माताजी के प्रति इतनी श्रद्धा है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आते हैं। मान्यता के अनुसार यह ऐसा सिद्ध स्थान है जहाँ मांगी गई मिन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। प्रतिदिन सुबह यहाँ पूजा होती है और मिश्री आदि पंच मेवे का भोग लगाया जाता है।
विशेष आयोजन:
चेत्र व आसोज नवरात्रि में यहाँ भव्य मेला लगता है जिसमें दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं तथा चुनरी चड़ा कर मिन्नत मांगते हैं व पूरी भी करते हैं। इस दौरान यहाँ विशाल भंडारा भी होता है। स्थानीय ग्रामीण इस आयोजन में विशेष सक्रियता निभाते हैं।
कैसे पहुँचें-कहाँ ठहरें:
ग्राम जायल सड़क मार्ग से जुड़ा है। नागौर, डेगाना, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, पिलानी, दिल्ली, हिसार, जोधपुर, बाड़मेर, बालोहरा, सूरत, अहमदाबाद, फलौदी आदि से ग्राम जायल की बसें उपलब्ध रहती हैं। मंदिर पुजारी ताराचंदजी मंदिर परिसर में ही निवास करते हैं अत: चाहे जाने पर भोजन व ठहरने की व्यवस्था वे करवा देते हैं।










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