श्री दक्षिण क्षेत्र माहेश्वरी समाज इंदौर से जुड़े सैकड़ों परिवार ने ‘‘एक परिवार एक पेड़’’ के सूत्र का अनुसरण करते हुए क्षेत्र को सैकड़ों पेड़ों की सौगात देते हुए समाज को गौरवान्वित किया है। इस सूत्र के सूत्रधार हैं, रूपेश भूतड़ा , जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण ऑक्सीजन की कमी से जूझते लोगों को देखा तो प्राकृतिक रूप से ही सतत ऑक्सीजन प्राप्ति का मार्ग खोज निकाला, वही है यह अभियान ‘‘एक परिवार एक पेड़’’।
इंदौर में स्कीम नं. 71 निवासी रूपेश भूतड़ा वैसे तो व्यावसायिक रूप से पत्रकार हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में श्री दक्षिण क्षेत्र माहेश्वरी समाज इंदौर के अध्यक्ष लेकिन उनकी पहचान बन चुका है, अभियान ‘‘एक परिवार एक पेड़’’।
इस अभियान ने पूरे क्षेत्र को हरा भरा बनाने में ऐसा योगदान दिया कि न सिर्फ माहेश्वरी समाज बल्कि शहर भर में उनकी तरह इस संगठन की पहचान ही यह अभियान बन गया जिसका अनुसरण अब अन्य समाज भी करना चाहते हैं।
ऐसे प्रारम्भ हुआ अभियान
श्री रूपेश भूतड़ा समाजसेवा के क्षेत्र में श्री दक्षिण क्षेत्र माहेश्वरी समाज इंदौर सहित कई समाजसेवी संगठनों से सम्बद्ध होकर मानवता की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। इन्हीं सेवाओं से सम्बद्ध रहते कोरोना महामारी की प्रथम व उसके बाद दूसरी लहर से जूझते रोगियों को देखा। इसमें दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से तड़पते रोगियों को देखकर मन व्याकुल हो गया।
इसी व्याकुलता ने प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिये वृक्षारोपण द्वारा ‘‘एक परिवार एक पेड़’’ अभियान प्रारम्भ करने के लिये प्रेरित किया। लक्ष्य था, प्राकृतिक रूप से ही वातावरण में ऑक्सीजन की इतनी प्रचुरता कर देना, जिससे कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूरत ही न पड़े।
शीघ्र ही कारवां बन गया
श्री रूपेश भूतड़ा ने श्री दक्षिण क्षेत्र माहेश्वरी समाज इंदौर के माध्यम से इस अभियान की गत ‘‘महेश नवमी 2021’’ को अत्यंत लघु रूप में शुरूआत की लेकिन शीघ्र ही यह पूरे समाज का अभियान बन गया। वर्तमान में इससे क्षेत्र, जिला और अन्य संगठन मिल कर लगभग 500 परिवार जुड़े हुए हैं।
अभी तक फूठीकोठी रोड से राऊ रोड, फूटी कोठी से राजेंद्र नगर रोड, सिरपुर तालाब एरिया, लगभग 20 गार्डन में, राऊ महेश्वर रोड पर नेमावर रोड एवं तिल्लोर क्षेत्र में अभी तक लगभग 1000 पौधो और लगभग 1000 सीड्स बॉल का रोपण हो चुका है।
इन पौधो की देखभाल उनकी पूरी टीम मिलकर करती है। इसके पॉजिटिव रिजल्ट भी मिले है और उनके लगाए सभी पौधे अभी फल-फूल रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक व पार्षद आदि जनप्रतिनिधि भी इनमें सहयोगी बने हुए हैं।
पूरी टीम का इसमें साथ
इसमें उनकी पूरी टीम मिलकर काम करती है। रोजाना सुबह जल्दी उठ कर पौधारोपण का कार्य शुरू करते हैं और नित्य 3 घंटे इसे करते हुये फिर अपने कार्य पर चले जाते हैं। साथ ही हर तीसरे दिन पौधों को पानी भी डालना होता है।

इन्हें सीधा रखने के लिये लाइट लकड़ी का सपोर्ट देना भी नहीं भूलते। इसके अंतर्गत नीम, पीपल, आम, जामुन, कदम्ब, बिलपत्र सहित कई प्रकार के पेड़ रोपे गए जिनसे भरपूर मात्रा में ऑक्सिजन मिलती रहे। इस टीम के अनिल लड्डा, कैलाश जाजू, रजत लड्डा, संतोष बेड़िया, दिलीप तापड़िया ने विभिन्न टीम बना कर कार्य करना प्रारंभ किया।
जिसे अशोक भदादा, महेश बल्दवा, महेश काकानी, विमल बांगड़, प्रदीप बाहेती, प्रदीप जाखेटिया, अश्विन गिलड़ा, विजय हुरकट, अनिल मंत्री, प्रेमनारायण जेठा, डॉ. प्रवीण काबरा, मनोहर भूतड़ा, भोमराज भट्टर, प्रकाश राठी, गिरिराज सोमानी, ओम सोमानी, ब्रजकिशोर बांगड़, नवीन मूंदड़ा, गोविंद माहेश्वरी, सचिन पसारी, अविनाश जेठा, ओम मूंदड़ा, राजेश बिरला, गोपाल एम मांधनिया, नितिन मंडोरा, मुकेश मंत्री, रमेश चांडक, मोहन मूंदड़ा, पवन सोमानी, नमन तापड़िया, डॉ. दीप्ति भूतड़ा, सुधा मूंदड़ा, ज्योति सोमानी, सीमा बेड़िया, मोनिका लड्डा, रुकमणी बाहेती, शिखा हुरकट, रैना लखोटिया, सपना गिलड़ा, शशि कला बांगड़ सहित बड़ी संख्या में समाजजन सहयोग देकर पूर्ण कर रहे हैं।










Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.