पितृ श्राद्ध पर्व का विशेष महत्व है। इस दौरान पितृगण पृथ्वी पर आकर अपने स्नेहीजनों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि तथा कव्य ग्रहण करते है। इसी को दृष्टिगत रख अपने सामाजिक दायित्व निर्वहन की श्रंखला में श्री माहेश्वरी टाइम्स द्वारा कोरोना महामारी से दिवंगत समाजजनों का सामूहिक पितृ श्राद्ध कर उनकी मुक्ति की कामना की गई।
उज्जैन। कोरोना महामारी ने कई समामजनों को असामयिक रूप से काल का ग्रास बना दिया। स्थिति यह रही कि इस दौरान चल रहे लॉकडाउन तथा कोरोना के भय के कारण कोरोना से दिवंगतों के अधिकांश स्नेहीजन तो उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें शृद्धांजलि तक नहीं दे पाए।
इतना ही नहीं इनकी अंतिम संस्कार पद्धति भी शास्त्र सम्मत ढंग से कोरोना प्रोटोकाल के कारण ठीक से पूर्ण नहीं हो पायी। ऐसे दिवंगत समाजजनों की आत्मशांति के लिये श्री माहेश्वरी टाईम्स द्वारा नि:स्वार्थ भाव से सर्वपितृ अमावस्या पर सामूहिक पितृ तर्पण का आयोजन कर उनकी मुक्ति की कामना की गई।
ऐसे हुआ भव्य आयोजन
शास्त्र मान्यता के अनुसार पितरों की आत्मशांति के लिये गया तीर्थ तथा भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में पितृ तर्पण करने का विधान है। वर्तमान में कोरोना महामारी सहित अन्य कई कारणों से कोरोना से दिवंगत कई समाजजनों के परिजन इन स्थानों पर जाकर पितृ तर्पण नहीं कर पा रहे थे।
अत: श्री माहेश्वरी टाईम्स ने इन सभी दिवंगत स्वजनों के सामूहिक तर्पण का संकल्प लिया। इसके लिये ईमेल पर इच्छुक समाजजनों से उनके दिवंगत परिजनों की जानकारी मांगी गई। इसमें लगभग 100 से अधिक दिवंगतों की जानकारी प्राप्त हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उज्जैन स्थित सिद्धवट पर तीर्थ पुरोहित पं. सोहन भट्ट के मार्गदर्शन में सभी का सामुहिक तर्पण- सामूहिक पितृ श्राद्ध किया गया। इसमें प्रतिनिधि के रूप में श्री माहेश्वरी टाईम्स सम्पादक पुष्कर बाहेती, उनके सुपुत्र ऋषि बाहेती तथाा समाजसेवी नवल माहेश्वरी आदि ने यजमान की भूमिका निभाकर समस्त दिवंगतों की मुक्ति की कामना की।









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