श्री सोढल माताजी का मंदिर राजस्थान के जैसलमेर शहर में किले की प्रथम प्रोल के अंदर श्री रामदेवजी के मंदिर के सामने स्थित है। श्री सोढल माताजी डाँगरा खांप की कुलदेवी हैं। इन्हें गोलकिया व पंसारी नखवाले भी मानते हैं।
चमत्कारिक स्थान:
माताजी की मूर्ति अत्यंत प्राचीन एवं चमत्कारिक हैं। मंदिर ४०० वर्ष पुराना बताया जाता है। चमत्कारिक मूर्ति होने से यहाँ अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए नित्य ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। मंदिर में नवरात्रि में पूरे ९ दिन विशिष्ट आयोजन होते हैं। मंदिर में नियमित रूप से सुबह-शाम पुजारी द्वारा पूजा की जाती है।
कहाँ ठहरें:
जैसलमेर में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए माहेश्वरी सेवा सदन में उत्तम सुविधा उपलब्ध है। पर्यटन स्थल होने से होटल, मोटल व लॉज आदि भी यहाँ पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
कैसे पहुँचें:
जैसलमेर पहुँचने के लिए ट्रेन व बस सुविधा जोधपुर से उपलब्ध है। जैसलमेर में निजी टैक्सी अथवा आटो रिक्शा से मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए श्री नंदकिशोर डांगरा ‘राधिका’ मोती महल के पास फोन ०२९९२-२५४४४८ से संपर्क किया जा सकता है।










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