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Vijay-Kumar-Maheshwari

निःस्वार्थ समाजसेवी- विजय कुमार माहेश्वरी

उम्र बढ़ी लेकिन उनका समाजसेवा का जज्बा वही रहा। आज उम्र के 77वें पड़ाव पर भी कई समाजसेवी संस्थाओं में सेवा दे रहे हैं नजीबाबाद निवासी विजयकुमार माहेश्वरी।

वरिष्ठजन तो वो वट वृक्ष हैं जिनकी छत्र छाया में परिवार और समाज सभी सुरक्षित रहते हैं। जीवन पथ की विषम परिस्थितियों को सहने की क्षमता उनसे वरिष्ठ जन रूपी वटवृक्ष तले पल्लवित होने पर ही मिलती है। वरिष्ठ हमारे समाज के मूल कर्णधार हैं। ऐसे ही एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी हैं श्री विजय कुमार माहेश्वरी (अधिवक्ता) जो 77 वर्ष की आयु में भी समाज सेवा और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और निरन्तर अपना योगदान सामाजिक सेवाओं में दे रहे हैं।

vijay kumar maheshwari

पर्वत श्रृंखलाओं से जुड़ा नजीबाबाद उनकी जन्म भूमि है। वे अपने समाज के लिए पूर्णसमर्पित व्यक्तित्व हैं। विनम्रता, सरल सहजता, परोपकारीवृत्ति, आतिथ्य सत्कार उनके व्यक्तित्व को द्विगुणित कर देता हैं। किसी भी जरुरतमंद की सहायता के लिए तत्पर रहना उनकी सहजता का परिचायक है। वे अनेक संस्थाओं द्वारा अपने सामाजिक सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किये गए हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने भी उनके सहयोग की अपने पत्र के माध्यम से प्रशंसा की है। मैं भी भाग्यशाली हूँ और गौरवान्वित हूँ कि ऐसे समाजसेवी, निर्मल हृदय वाले मेरे बडे़ भाई हैं। आज हमारे समाज को ऐसे ही वटवृक्ष की आवश्यकता है जो निरअहंकारी, निर्पेक्षभाव से समाज की सेवा में अपनाजीवन समर्पित करें।

आभा माहेश्वरी, अलीगढ़