श्री चान्दसिनी माताजी माहेश्वरी समाज की फोफलिया व न्याती खांप की कुलदेवी हैं।
माताजी श्री चान्दसिनी का मंदिर राजस्थान के टोंक जिले की मालपुरा तहसील के ग्राम टोरडी सागर के उत्तर में स्थित है। मंदिर प्रात: ९ से सायं ५ बजे तक खुला रहता है। पुजारी श्याम सुंदर शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार श्री राजेन्द्र न्याती के पुत्र छगनलाल न्याती तह।
भड़गाँव जिला जलगाँव (महाराष्ट्र) को माताजी ने स्वप्न दिया इसके आधार पर उन्होंने २० वर्ष पूर्व खोज की। लगभग १०० देवी मंदिरों के भ्रमण के बाद वे यहाँ पहुँचे।
यह मंदिर टोरड़ी गाँव से डेढ़ किमी. दूर मोहनगिरी पहाड़ की तलहटी में स्थित है। मंदिर में एक काले पत्थर की माताजी की विशाल मूर्ति है। यहाँ सिंदूर, वस्त्र, नेत्र आदि से माताजी का शृंगार किया जाता है। गुम्बद में चाँद-सूर्य के निशान विद्यमान हैं।
किवदंतियों के अनुसार मंदिर द्वापर युग का बताया जाता है। कहा जाता है कि रुख्मणीजी अम्बिका पूजन के लिये यहीं आई थी जहाँ से भगवान श्रीकृष्ण ने उनका हरण किया था। समीप रुख्मणी के भाई रुक्मैया द्वारा भोजकट भी खण्डहर अवस्था में विद्यमान है एवं खुदाई के दौरान कई पुरातात्विक जानकारियाँ प्राप्त हुई।
विशेष:
यहाँ माताजी की पूजन-आरती, वेश, अखण्ड ज्योत व भोग का विशेष महत्व है।
कैसे पहुँचें:
श्री चान्दसिनी माताजी का मंदिर राजस्थान को टोंक जिले की मालपुरा तहसील के ग्राम टोरडी सागर में है। अजमेर व टोक दोनों से बस सुविधा उपलब्ध है।










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