श्री सुजासन माताजी झंवर (खड) व गायल खाँप की कुलदेवी हैं।
श्री सुजासन माताजी का मंदिर जोधपुर के पास है। यह मंदिर पुराना था, जिसका समाज के लोगों ने जिर्णोंद्धार किया है। खड झंवर की कुलमाता श्री सुजासन माता का मंदिर कहाँ है, उसका पता लगाने की काफी कोशिश जलगाँव के स्व. शंकरलालजी झंवर ने सन् १९७१ में पूरे राजस्थान में घुमकर एवं जागाओं से संपर्क कर की।
किन्तु कहीं पर भी खड झंवर की कुलमाता श्री सुजासन माता का मंदिर नहीं मिला। केवल इतनी जानकारी मिली कि, खड झंवर की उत्पत्ति परबतसर जि. नागौर से हुई है।
इसके बाद स्व. श्री झंवर ने परबतसर में माताजी का मंदिर बनाने का निश्चय किया तथा परबतसर के ही स्व. श्री फूलचंद झंवर से संपर्क कर वहाँ के तालाब के पास १९७३ में मंदिर बनाया। जयपुर से मूर्ति बनवाकर १९७३ के नवरात्रि पर्व में प्राणप्रतिष्ठा की।
जागाओ से खड झंवर भाइयों के पते प्राप्त कर उन्हें निमंत्रण भेजा गया। देश के कलकत्ता, सिहोर, पिपरीया, भिलवाड़ा, कुचामन, जलगाँव, विजयनगर, मालेगाँव व संगमनेर, इंदौर इत्यादि कई जगह से लगभग १००० भाइयों ने प्राणप्रतिष्ठा में भाग लिया।
मंदिर से रोज की पूजा अर्चना, वहीं के श्री रामस्वरूप पोरख करते हैं। पहले उनके पिताजी ध्यान देते थे। मंदिर बने लगभग ३५ साल हो गये हैं। अब इसे रिपेअर करना आवश्यक हो गया है। साथ ही मंदिर के सामने भजन-कीर्तन के लिये हॉल बनाना भी जरूरी है। इसके लिये लगभग ३ से ४ लाख रुपये के खर्च की आवश्यकता हो सकती है। इसकी सारी जिम्मेदारी झंवर मंदिर विकास समिति वहन कर रही है।










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