यदि मन में कुछ करने की इच्छा हो तो उम्र कभी बाधक नहीं होती। इसी का उदाहरण हैं, नागपुर निवासी श्यामसुंदर राठी। श्री श्यामसुंदर राठी 82 वर्ष की अवस्था में भी अपनी कन्सल्टेंसी व व्यवसाय के साथ ही समाजसेवा में भी अपना सतत रूप से योगदान दे रहे हैं, और वह भी इस तरह पूरी ऊर्जा के साथ जिसे देखकर युवा पीढ़ी भी प्रेरित हुए बिना न रह सके।
चार्टर्ड इंजीनियर के रूप में सेवा देने वाले नागपुर निवासी श्यामसुंदर राठी वर्तमान में 82 वर्ष की अवस्था में हैं, लेकिन उनका जोश व उत्साह आज भी कम नहीं है। बी.ई. (ऑनर्स) मेकेनिकल इंजीनियरिग तक शिक्षित श्री राठी इसके साथ ही फेलो ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (इंडिया) के रुप में भी सेवा दे रहे हैं।
इतना ही नहीं व्यावसायिक क्षेत्र में श्री राठी मोनार्क मार्वेâटिंग इन्टरप्राइजेस में मैनेजिंग पार्टनर, मोनार्क कन्सलटंट्स में मैनेजिंग डायरेक्टर तथा मोनार्क हॉटोकल्चर एण्ड एग्रो फॉरेस्ट्री में मैनेजिंग पार्टनर के रुप में भी अपनी सेवा दे रहे हैं।
नौकरी से स्व व्यवसाय की यात्रा
11 जून 1941 को फत्तेलालजी राठी के यहां आर्वी में जन्में श्री राठी ने बी.ई. (ऑनर्स) मेकेनिकल इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्त करने के बाद अनुभव प्राप्त करने के लिये 5 वर्ष तक हिन्दुस्तान मोटर्स लि. कोलकाता में नौकरी की। फिर माहेश्वरी मन ने उन्हें स्व व्यवसाय की ओर प्रेरित कर दिया।
अत: वे गत 50 वर्षों से कन्सल्टेंसी तथा स्व व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इसके साथ ही 15 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने पारिवारिक कृषि व्यवसाय को आधुनिक स्वरुप देकर प्रारंभ किया। वर्तमान में वे इसके अन्तर्गत संतरा, मौसंबी, आँवला, केला आदि का लगभग 90 एकड़ में उत्पादन कर रहे हैं।
समाज में चहुंमुखी योगदान
श्री राठी शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभिन्न क्षेत्रों में समाजसेवी संस्थाओं के साथ सम्बद्ध होकर अपने सेवा दे रहे हैं। इसके अंतर्गत कार्यकारिणी सदस्य एवं चेअरमन स्टीयरिंग कमेटी-श्री रामदेव बाबा स्मारक समिति) (इंजिनियरिंग व एम.बी.ए कॉलेज), कार्यकारिणी सदस्य एवं चेअरमन परचेस कमेटी – सेन्ट्रल इंडिया इन्स्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सायन्सेस (सीम्स हॉस्पिटल) नागपुर, पूर्व चेअरमन : अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, नागपुर शाखा (लोकल मॅनेजमेंट कमेटी.), पूर्व अध्यक्ष: वनबंधु परिषद (नागपुर चैप्टर) तथा पूर्व एक्जिक्युटिव मेंबर – विदर्भ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन व नागविदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स आदि के रूप में अपनी सतत सेवा दे रहे हैं।
समाज व साहित्य दोनों की सेवा
श्री राठी माहेश्वरी समाज में भी अपनी नि:स्वार्थ व समर्पित सेवा देने में कभी पीछे नहीं रहे। इसके अंतर्गत वे अध्यक्ष -विदर्भ प्रादेशिक माहेश्वरी सभा, संयुक्त मंत्री- अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा, संचालक- माहेश्वरी बोर्ड (माहेश्वरी पत्रिका) तथा चेअरमन- कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर समिति (महासभा) आदि के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं।
साहित्य सृजन के क्षेत्र में भी आपकी लेखनी सदा चलती रही है। ‘‘एक जिद्दी प्रयास’’ तथा ‘‘कृष्णम् वंदे जगद्गुरूम’’ नामक आपके द्वारा लिखी हुई पुस्तकें प्रकाशित होकर पाठकों में लोकप्रिय भी हो रही हैं।










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