माहेश्वरी समाज हर क्षेत्र में अपनी सफलता का ध्वज कैसे फहरा रहा है? इसी का एक उदाहरण वड़ोदरा से सामने आया है। यहाँ के समाज की बेटी नियति माहेश्वरी ने शास्त्रीय नृत्य अंतर्गत भरत नाट्यम में विशारद की उपाधि प्राप्त कर स्थानीय समाज के लिये अछूते इस क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवाया है।
गत 29 सितम्बर का दिवस वडोदरा माहेश्वरी समाज के लिये ऐतिहासिक दिवस से कम नहीं रहा। कारण यह था कि इस दिन समाज सदस्य मनीष व सिम्पल मणियार की सुपुत्री नियति ने शास्त्रीय नृत्य के अंतर्गत भरत नाट्यम में विशारद की उपाधि प्राप्त की। सम्भवत: स्थानीय माहेश्वरी समाज से शास्त्रीय नृत्य में यह उपाधि प्राप्त करने वाली वे पहली नृत्यांगना हैं।
सभी ने उनके नृत्य को सराहा
नियति द्वारा गत 29 सितम्बर को गुरु रमा श्रीकांत के मार्गदर्शन में सर सयाजीराव नगर गृह, अकोढा बड़ौदा में भरत नाट्यम नृत्य के आरेंगेत्रल कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई थी। इस कार्यक्रम में नियति द्वारा अत्यंत सुंदर व भावविभोर कर देने वाली विभिन्न प्रस्तुतियां दी गईं, इन्हें जिसे देखकर समस्त अतिथि भावविभोर हो गये व पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। इस कार्यक्रम के पश्चात गुरु रमा श्रीकांत द्वारा नियति को भरत नाट्यम में विशारद की पदवी प्रदान की गई। बड़ौदा माहेश्वरी समाज को गर्व है कि यह प्रथम बालिका है, जिसने शास्त्रीय नृत्य भरत नाट्यम में मात्र 18 वर्ष की आयु में विशारद की पदवी हासिल की है।
कराटे में भी ब्लेक बेल्ट
नियति सिर्फ शास्त्रीय नृत्य तक सीमित नहीं है। उन्होंने भरतनाट्यम के साथ कराटे में भी ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त की है। इतना ही नहीं राष्ट्र स्तर की स्पर्धा में भी नियति ने हिस्सा लिया है। नियति स्केटिंग में भी राज्य स्तर की स्पर्धा में हिस्सा ले चुकी है। नियति की इस कामयाबी में स्वयं की मेहनत, समर्पण एवं माता-पिता व परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान है।










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