कैसे बचा सकतें हैं दवाइयों का खर्च

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-पुरुषोत्तम सोमानी

दवाइयों पर ट्रेड मार्जिन वर्तमान दौर में चिकित्सा सबसे महंगा क्षेत्र बनता जा रहा है। कारण यह है की इसमें सरकार का अधिक नियंत्रण नहीं रहा। निज़ामाबाद निवासी श्री सोमानी के प्रयासों से कैंसर की दवाइयों के मूल्य नियंत्रित हुए हैं। अन्य दवाओं की भी यदि सही ढंग से खरीद की जाए तो खर्च को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन यह खरीद करें तो कैसे? जाने स्वयं श्री सोमानी की जुबानी।

भारत सरकार द्वारा कैंसर की 390 दवाइयों पर ट्रेड मार्जिन क्याप लाने से काफी कैंसर की दवाइयां 87 प्रतिशत तक सस्ती हो गयी हैं। बाकी कैंसर की व अन्य लाइफ सेविंग, जेनेरिक, सर्जिकल दवाओं पर भी नियंत्रण के लिए प्रयत्नशील हैं और संभावना कम है की चुनाव के बाद सभी दवाइयों पर ट्रेड मार्जिन लागू हो जाने से सभी दवाएं 90 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी।

आज की परिस्तिथियों में हम सस्ती दवाइयाँ किस तरह खरीद सकतें हैं। इसके लिए बेसिक जानकारी ज़रूरी है। 5 प्रतिशत दवाइयाँ पेटेंट होती है, जिन्हे सिर्फ जिन का अधिकार होता है वही मैन्युफैक्चरिंग कर सकतें हैं। बाकी सभी 95 प्रतिशत दवाइयाँ जेनरिक हैं जिन्हे कोई भी मैन्युफैक्चर कर सकता है।

जेनरिक दवाइयाँ दो प्रकार से तैयार होती हैं, इसे अच्छी तरह से जान लें। ब्रांडेड जेनरिक और जेनरिक ब्रांडेड मेडिसिन। दोनों दवाइयों को बनाने का प्रोसेस, टेस्टिंग प्रोसेस, गुणवत्ता सभी सामान हैं। दोनों में कोई फर्क नहीं।

ब्रांडेड मेडिसिन में मेडिसिन का ब्रांड नाम बड़ा होता है और कम्पोजीशन छोटे अक्षरों में लिखा होता है और उसे मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव द्वारा मार्केटिंग किया जाता है। जेनरिक ब्रांडेड मेडिसिन में ब्रांड नाम छोटा होता है और कम्पोजीशन नाम बड़ा होता है और इसे बिना मार्केटिंग किए बेचा जाता है।

कैसे बचाएं अपनी मेहनत की कमाई:

ब्राण्डेज मेडिसिन में मैन्युफैक्चरर को बहुत मुनाफा होता है और जेनरिक ब्रांडेड मेडिसिन में खुदरा व्यापारियों को और डॉक्टर को बहुत लाभ होता है तथा एमआरपी बढ़ा-चढ़ाकर प्रिंट की जाती है। तो हमें कौन सी दवाई खरीदना चाहिए? जैसा की मैने पहले कहा की ब्रांडेड मेडिसिन और जेनरिक मेडिसिन में कोई फर्क नहीं है।

और उसे हमें एक्सक्लूसिव जेनरिक मेडिकल शॉप से ही खरीदना चाहिए। बाकी के जनरल मेडिकल शॉप से खरीदने से आपको बहुत ज़्यादा एमआरपी पर दवाइयां मिलेंगी। डॉक्टर ने जो भी दवाई लिखी है उसके कम्पोजीशन में जेनरिक ब्रांडेड दवाई एक्सक्लूसिव जेनरिक शॉप वाला देगा और वह सस्ती मिलेंगी।

हमें यह देखना चाहिए की डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाई का कम्पोजीशन सही होना चाहिए,चाहे वह कोई भी ब्रांड क्यों न हो। हम जनरली डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाई के ब्रांड से ही दवाई खरीदते हैं, वह बिलकुल ज़रूरी नहीं है।

हम कोई भी जेनरिक मेडिसिन खरीद सकतें हैं। वह उतनी ही अच्छी रहती है। सभी बड़ी कंपनियों जैसे सिप्ला, एमक्योर, वॉकहार्ड, अबॉट ग्लैक्सो सभी जेनरिक ब्रांडेड मेडिसिन बनाती हैं।

गूगल पर भी सर्च कर सकतें हैं जेनरिक शॉप:

और एक सुझाव की आप प्रधानमन्त्री जन औषधि शॉप पर भी आपको समान कम्पोजीशन की दवाइयां बहुत ही सस्ती मिलती हैं। वह भी बहुत अच्छी दवाइयां हैं। उसमे कोई भी शंका करने की आवश्यकता नहीं।

वह दो लैब में टेस्ट की हुई डब्ल्यूएचओ कंपनी में तैयार की हुई अच्छी दवाइयां हैं। वह आपको 90 प्रतिशत सस्ती मिलेंगी। लाइफ सेविंग ड्रग्स जैसे कैंसर,डायलिसिस, किडनी की दवाइयां, सर्जिकल आइटम जैसे आईवीसेट, यूरिन बैग, डिस्पोजल सीरींज आदि आपको होलसेल शॉप में खरीदने से 90 प्रतिशत सस्ती मिलेंगी।

एक्सक्लूसिव जेनरिक शॉप आप गूगल पर सर्च कर सकतें हैं और वहाँ पर बार्गेनिंग भी होती है। चार्ट का अभ्यास करने से आपको पता चलेगा की आप अपनी दवाइयों के खर्च पर काफी बचत कर सकतें हैं।

माहेश्वरी ऑफ़ द ईयर 2019

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