अजमेर। समाज सदस्य श्री विजय करण चौधरी (काबरा) व श्रीमती सुशीला चौधरी की सुपुत्री एवं डॉ अमित माहेश्वरी की पत्नी डॉ रचना चौधरी ने कोरोना काल में सेवाभाव की नई मिसाल पेश की है। मार्च से लेकर वे अभी तक इस मुहीम में सक्रीय है। कोविड वार्ड में होने वाले प्रसव से लेकर कोरोना योद्धाओं की ड्यूटी लगाने व फ्लू ओपीडी तक की रूपरेखा वे स्वयं तय करती हैं।
1992 बैच की झाँसी से एमबीबीएस (गोल्ड मेडलिस्ट), 2002 में ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से एमएस (गायनी) व एम्स (नई दिल्ली) से डीएनबी करने वाली डॉ रचना ने कोरोना संक्रमण गर्भवतियों के सुरक्षित प्रसव में बड़ी भूमिका निभाई है। स्वयं का एवं साथी डॉक्टरों का विषम परिस्तिथियों में भी मनोबल बनाए रखा।

उनकी निगरानी में कोविड वार्ड में पहली सिज़ेरियन डिलीवरी हुई जिसमे जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया। कोरोना काल में मरीज़ों की देखभाल व इलाज के साथ ही छात्रों की ऑनलाइन एग्जाम लेने के साथ साथ डीएनबी कोर्स के प्रश्न-पत्र बनाने के दायित्व भी वे स्वयं निभा रही हैं।
उनकी सक्रियता और योग्यता को देखते हुए कोविड-19 की कोर कमिटी में उन्हें अहम स्थान भी प्राप्त हुआ है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र के साथ ही डॉ रचना चौधरी अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों में भी काफी सक्रिय हैं। उनके दो बच्चे 16 व 12 वर्ष के हैं। सास डॉ शशि माहेश्वरी ( एमएस गायनी) एवं ससुर डॉ एन के माहेश्वरी (एमएस एनेस्थीशिया) वर्तमान में मेरठ निवास करते हैं।










Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.