श्री बंगर माताजी माहेश्वरी जाति के सोमाणी खांप की कुलदेवी है।
बंगर माताजी का मंदिर राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के करीब ७० किमी पर गांव कानड़ा-खेड़ा, पोस्ट-ताना वाया अकोला, तहसील-कपासन के ऊँचे पहाड़ पर स्थित है। एक रास्ता रतलाम-नीमच से निम्बाहेड़ा स्टेशन से भी है। पहाड़ की ऊँचाई करीब ३०० मीटर है। माताजी का मंदिर अति प्राचीन है। बंगर माताजी का मंदिर बिजासन माताजी के नाम से भी जाना जाता है।
यह मंदिर चौकला के पंचों ने संवत्-२०१२ भादवा शुक्ल पक्ष नवमी के कालू खां मिस्त्री के द्वारा बनवाया था। मंदिर में माताजी के साथ उनकी बेहन तथा भैरव भी विराजमान हैं। माँ का तेजस्वी आकर्षक रूप मन को बड़ी शांति देता है। माँ के दर्शन करने पर पहाड़ चढ़ते की थकान महसुस नहीं होती।
नीचे से मंदिर तक आराम से चढ़ने पर करीबन ४५ से ६० मिनट का समय लगता है। वापस उतरने में करीब २०-२५ मिनट लगते हैं। पहाड़ पर होने से वर्तमान में बिजली तथा पानी की सुविधा नहीं है। मंदिर के साथ ही एक बड़ा पक्का कमरा है तथा एक चबूतरा है। आसपास के सभी गांवों के लोगों की माताजी पर अटूट श्रद्धा है।
विशेष आयोजन:
नवरात्र में नवमी के दिन यहाँ मेले का आयोजन होता है तथा सभी गाँव के लोग यहाँ सामूहिक प्रसाद (भोजन) ग्रहण करते हैं। इस दिन गाँववाले टेम्पपरी नीचे से बिजली का तार लगाकर मंदिर में लाइट का प्रबंध करते हैं। दो खुली बगैर चौखट-दरवाजे की खिड़की बनी है। उसमें से छोटे नवजात बच्चों को लाकर माताजी के सामने लेटाया जाता है। भोपाजी ताराजी वृद्ध पंडितजी पूजा करते हैं। गाँव के लोग व बच्चों का सहयोग सराहनीय है।
कैसे पहुँचें:
मंदिर चित्तौड़गढ़-उदयपुर ४ लेन नेशनल हाईवे पर चित्तौड़गढ़ से करीबन ७० किमी की दूरी पर है। रतलाम-नीमच की तरफ से आते वक्त निम्बाहेड़ा स्टेशन से नेशनल हाईवे का रास्ता है। यहाँ से करीब ६० किमी की दूरी पर है।
समीपस्थ दर्शनीय स्थल:
निम्बारा के तथा चित्तौड़गढ़ से माताजी के रास्ते में सांवरिया सेठ (श्रीकृष्णजी) का भव्य अति सुंदर दर्शनीय मंदिर आता है। यहाँ बड़ी-बड़ी धर्मशाला तथा सभी सुविधाएँ हैं। यहाँ से भगवान का दर्शन कर पर ही पीर की चौकी से कानड़खेड़ा गाँव जाना चाहिए। वापसी में रास्ते में शनिदेवजी का काफी बड़ा जाग्रत मंदिर दर्शनीय है। कानड़ खेड़ा से २ किमी पर ताना गाँव है।
यहाँ एक सोमानी परिवार श्री मांगीलाल सोमानी का घर है। ताना गाँव से भी मंदिर जा सकते हैं। श्री मांगीलालजी तथा उनका परिवार बड़ा ही स्नेही, मिलनसार तथा सहयोगी है। अभी तक करीब नौ सो सोमानी परिवार ने माताजी के दर्शन किए।
कानड़खेड़ा में सहायता के लिए शंरकजी लौहार का फोन नं. ०४१७६-२८३६६२ तथा शंकर तेजी फोन नं. २५५३००३ से भी संपर्क कर सकते हैं।
कुलदेवी माताजी की फोटो या जानकारी हेतु संपर्क कर सकते हैं:
द्वारका परसराम सोमानी:
स्वास्तिक एजेन्सीज, १९, चंद्रलोक बिल्डिंग, सेंट्रल एव्हन्यू
नागपुर-४४००१८
फोन नं. २७२२८०० (दुकान)
२५२३५३५ (घर)
मो. ९३७०२५९१११









Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.