समाजसेवा के क्षेत्र में माहेश्वरी ऑफ ईयर 2016 अवार्ड से सम्मानित हो रहे हैं, सूरत के सेवा रत्न राजेंद्र चांडक। स्नेहवश राजू भाई के रूप में जाने-जाने वाले श्री चांडक ऐसे समाजसेवी हैं, जिन्होंने तन-मन-धन से हर वर्ग की सेवा की और हर दिल अजीज होकर बन गये सबके भाई।
वैसे तो सूरत में माहेश्वरी समाज का नाम आते ही हर कोई उसकी सेवा भावना के सामने नतमस्तक हो जाता है, लेकिन कुछ ऐसे समाजजन भी हैं, जिन पर समाज को भी गर्व है। उसमें ही शामिल हैं, हर दिल अजीज राजेंद्र चांडक उर्फ़ राजू भाई।
श्री राजेंद्र चांडक की विशेषता है तो यह है कि किसी भी धर्म-जाति का कोई भी धार्मिक, सामाजिक या समाजसेवी गतिविधियों का आयोजन हो और यदि वहाँ उनकी आवश्यकता महसूस होती है, तो वे अपनी पूर्ण क्षमता से सहयोग के लिये खड़े नजर आते हैं।
बिना वर्ग भेद के सभी के भाई
श्री चांडक की विशेषता ही यह है कि न तो उन्होंने अपने समय को अपने आप तक सीमित रखा और न ही लक्ष्मी को। उनकी जहां भी जरूरत लगी, वहाँ वे तन-मन-धन से समर्पित नजर आये। विशेषकर सूरत में होने वाले धार्मिक आयोजन में तो उनके सहयोग से अधूते रहते ही नहीं। इसमें आयोजन किसी भी सम्प्रदाय या जाति हो इससे भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
बस उनका लक्ष्य तो अपनत्व के साथ सहयोगी बसना होता है और वे अवश्य ही होते हैं। इसका परिणाम है कि श्री चांडक सिर्फ माहेश्वरी समाज के लिये ही नहीं बल्कि समस्त शहरवासियों के लिये ही ‘‘राजू भाई’’ बन चुके हैं।
समाज ने भी किया ‘सेवा का सम्मान’
माहेश्वरी समाज संगठन में भी श्री चाँडक सदैव पूर्ण निःस्वार्थ भाव से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बिना किसी पद की कामना के अपना यथोचित सहयोग दिया। इसी का परिणाम है कि सूरत माहेश्वरी समाज ने उन्हें ‘‘महेश रत्न’’ के सम्मान से नवाजा। वे जैसलमेर ग्रुप से भी सक्रिय रूप से सम्बद्ध हैं। इसके माध्यम से ही सूरत को ‘‘जैसलमेर माहेश्वरी’’ भवन की सौगात मिली है।
विभिन्न गौसेवा गतिविधियों में भी उनका आर्थिक सहयोग रहा है। व्यावसायिक क्षेत्र में ‘‘सूरत चेम्बर ऑफ कॉमर्स’’ के संरक्षक सदस्य हैं। उनकी धार्मिक व समाजसेवी गतिविधियों में धर्मपत्नी रीता देवी के साथ ही सम्पूर्ण परिवार भी सक्रिय रूप से सहयोग दे रहा है।
व्यवसाय में भी ‘शून्य से शिखर’
जैसलमेर (राजस्थान) के ग्राम नाचना में श्री बद्रीनारायण चांडक के यहाँ जन्में ‘‘राजू भाई’’ ने लगभग 31 वर्ष पूर्व सूरत में कदम रखा था। वहाँ आकर ‘‘बालकिशन सिल्क मिल्स’’ में कपड़ा व्यवसाय के गुर सीखे और स्वयं का कपड़ा निर्माण का उद्योग भी शुरू किया। इसके साथ-साथ ही कपड़ा व्यवसाय में तमिलनाडु, महाराष्ट्र व केरल आदि में आढ़त का काम प्रारंभ किया, जो वर्तमान में चांडक क्रिएशन के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है।
गत 9-10 वर्ष पूर्व मिलेनियम मार्केट में रितुराज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रापर्टी व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो वर्तमान में राजस्थान व महाराष्ट्र आदि कई प्रदेशों में वटवृक्ष की तरह स्थापित हो चुका है।
उनकी सोच
महासभा: इलेक्शन होना कोई बुरी बात नहीं है, ये तो एक सिलेक्शन की प्रक्रिया है। महासभा में जो कोई भी चुनकर आता है, उसे अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना चाहिए। समाज व देश के लिए क्या उत्तम होना चाहिए सबको साथ में लेकर जो समाज के हित में हो वो कार्य करना चाहिए।
जैसे हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान में अपनी भारतीय सेना भेज कर कई आतंकवादियों को मार गिराया व उनके ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। फिर भारतीय सेना सुरक्षित भी अपने देश लौट आई।
गौसेवा: हमें गौमाता की तन-मन-धन से सेवा करनी चाहिए, ना कि दिखावा करना चाहिए। गौमाता से हमें घी, दूध, दही आदि सब कुछ मिलता है। यहाँ तक की गोमूत्र एवं गोबर भी कई औषधियों के रूप में भी हमें प्राप्त होता है।
गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। गौमाता को हाथ फेरने से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं, जैसे ब्लड प्रेशर और शुगर एवं अन्य बीमारियां। जितनी गाय बचेगी उतना देश बचेगा।
दो-चार गौरक्षक के गलत होने से पूरे सभी गौरक्षक गलत नहीं हो सकते। सूरत में एक नंदेश्वर गोशाला है, जो कि शहर से 7 से 8 किमी दूर है। कई मारवाड़ी माहेश्वरी जिसकी संख्या 30 से 50 है। नित्य सुबह 5 से 6 बजे ही गौमाता की सेवा करने के लिए पहुँच जाते हैं। जितनी सेवा मारवाड़ी करते हैं, उतनी कोई नहीं करता। गौसेवा करने वाले को मैंने कभी दुःखी नहीं देखा।
समाज: समाज के लिए समय देना कोई बुरी बात नहीं है। सभी लोगों को समाज के लिए समय देना चाहिए। समाज का कोई भी कार्यक्रम होता है उसमें सभी समाजजनों को शामिल होना चाहिए, क्योंकि वहाँ पर उनके विचार व मतभेद सभी सामने आते हैं। इन्हें बैठकर दूर किया जा सकता है।










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