श्री सेवल्या माताजी माहेश्वरी जाति की कोठारी, सोनी आदि खाँपों की कुलदेवी हैं। उदयपुर (राजस्थान) का राजकीय परिवार (महाराजा) भी इन्हें कुलदेवी मानते हैं।
श्री सेवल्या माताजी का स्थान राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के ग्राम बागौर में स्थित है। क्षेत्र में यह अतिप्राचीन मंदिर माना जाता है एवं यहाँ ब्रम्हाणीमाता के नाम से भी विख्यात है। क्षेत्र के लोगों की भी अटूट श्रद्धा माताजी के प्रति है। लोगों की मान्यताओं के अनुसार यहाँ माँगी गई मिन्नतें पूरी होती हैं। आदिकाल से यहाँ अखंड ज्योत जल रही है।
माताजी स्वयं भूमि से प्रकट हुए हैं। माताजी का मुखारविन्द ही बाहर दिखाई देता है, शेष भाग धरती में ही है माताजी का मुखारविन्द लाल स्वरुप में है जो चित्ताकर्षक एवं तेजस्वी रूप में दर्शन होते है। मन्दिर में माताजी के समीप ही दूर्गा माता (माँ तुलजा भवानी) विराजमान है तथा मंदिर परिसर में ही शिवजी व भेरुजी विराजमान है।
मंदिर परिसर में बावड़ी भी है। मंदिर में माली परिवार (भोपाजी परिवार) के चार भाई पूजा करते है जिनका हर माह ओसरा बदलता है। बागौर मेवाड़ नरेश के जमाने के चार प्रसिद्ध गाँवों में से एक है।
कहाँ ठहरे:
बागौर में सोनी परिवार निवास करते है जो समाज बंधुओं की पूर्व सूचना होने पर भोजन व ठहरने की व्यवस्था करवा देते हैं।
कैसे पहुँचे:
भीलवाड़ा से मांडल होते हुए बागौर पहुँचा जा सकता है। इस मार्ग की कुल लम्बाई ४२ कि.मी. है। भीलवाड़ा से कोटड़ी घोड़ास होते हुए भी बागौर पहुँचा जा सकता है इस मार्ग से दूरी ३० कि.मी. है। गंगापुर से बागौर २२ कि.मी. दूर है।
संपर्क स्थल:
रामप्रसाद जी सोनी बागौर: ०१४८६- २६५०२७, २६५२८९
प्रहलाद जी सोनी बागौर: ०१४८६- २६५०७६, ९४१४३१३९७६
जगदीश जी सोनी बागौर: ०१४८६- २६५८९६
कुलदेवी के फोटो हेतु संपर्क कर सकते है जितेन्द्र एस. कोठारी (बड़ोदा) मो. ०९४२६०४९९७४









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