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NPAV की सौगातदाता- शैला केला

वर्तमान में डिजिटल दुनिया ‘‘नेट प्रोटेक्टर एंटी वायरस’’ (NPAV) एक ऐसी ब्राण्ड का नाम है, जो अपने आप में हमारे कम्प्यूटर या लेपटॉप की सुरक्षा का पर्याय बन चुका है। आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि NPAV की सौगात देने का श्रेय भी माहेश्वरी नारी पुणे निवासी शैला केला को जाता है, जिन्होंने अपने पति के साथ मिलकर इसकी सौगात देश को दी।

वर्तमान में NPAV का लोगों ‘‘पीसी का डॉक्टर्स’’ अपने आप में इसके उद्देश्य का परिचायक बना हुआ है, ‘‘डिजिटल लाइफ की सुरक्षा’’। वर्तमान में एंटी वायरस के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता के कारण NPAV मार्केट लीडर बना हुआ।

डिजिटल उपकरण कम्प्यूटर, लैपटाप आदि का उपयोग करने वाले हों या फिर व्यवसायी उनके लिये डिजिटल सुरक्षा के मामले में यह विश्वास के शिखर पर ही है। शुरूआत से ही पुणे निवासी शैला केला इसको समर्पित भाव से सफालता के शिखर पर पहुचाने में जुटी हई है।


ऐसे हुई थी जीवन की शुरूआत

श्रीमती केला का जन्म अकोला के ऐसे प्रतिष्ठित मोहता परिवार में हुआ था, जिसने कई जज, हाईकोर्ट एडवोकेट, तथा डॉक्टर्स आदि की सौगात दी। फिर नागपुर में रहते हुए होम साइंस में युनिवर्सिटी रेंकर के साथ बेचलर उपाधि तथा डायटीशियन में पीजी कोर्स टॉपर के रूप में पूर्ण किया था।

वे न सिर्फ पढ़ाई में ही आगे थी, बल्कि बचपन से खेलकूद में भी उनका विशेष रूझान रहा। स्कूली शिक्षा के दौरान श्रीमती केला स्टेट लेवल नेशनल हॉकी टीम उपाध्यक्ष तथा एथलेटिक्स खिलाड़ी रहीं। बचपन से उनके अंदर कुछ नया करने की इच्छा अवश्य थी ओर वह भी पूर्ण ऊर्जा के साथ।


ऐसे मिली NPAV की सौगात

श्रीमती केला का विवाह नासिक के प्रतिष्ठित केला परिवार के संजीव केला के साथ हुआ तो जैसे उनके सपनों को पंख ही लग गये। उन्होंने व्यवसाय की कमर्शियलय साइड को समझने के लिये टेक्सेशन लॉ में डिप्लोमा किया। फिर वर्ष 1989 में पति संजीव केला के साथ मिलकर ‘‘कम्प्यूटर डोमेन’’ जैसे बिल्कुल नये व्यवसाय की शुरुआत की।

इस व्यवसाय में भी नये-नये प्रयोग करने लगीं। यही प्रयोग वर्ष 2004 में उनके स्वयं का ब्राण्ड एंटी वायरस ‘‘नेट प्रोटेक्टर एंटीवायरस’’ की शुरूआत के रूप में सामने आया। इसको उन्होंने पति संजीव व उनके भाई सुमित केला के साथ मिलकर प्रारम्भ किया था, जो वर्तमान में इस व्यवसाय में डायरेक्टर के रूप में सेवा दे रहे हैं। इस डिजिटल दौर में NPAV विश्वप्रसिद्ध ब्राण्ड बन चुका है ।


कई मौकों पर खरा उतरा NPAV

औपचारिक शुरुआत तो NPAV की वर्ष 2004 में हुई थी, लेकिन इसकी विकास यात्रा 30 वर्ष से कम नहीं है। इस दौरान डिजिटल सुरक्षा को लेकर NPAV को कई अंतर्राष्ट्रीय चेक मार्कस प्रमाण पत्र तथा आईएफओ प्रमाण पत्र प्राप्त हुए।

वर्तमान में इसके 25 हजार से अधिक चेनल पार्टनर्स तथा करोड़ों यूजर्स हैं। NPAV सामान्य रूप से वायरस, मॉलवेयर्स आदि से डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा तो करता ही है, साथ ही ‘Wanna Cry’, ‘Tflower’ आदि खतरनाक वायरस व मॉलवेयर आदि को भी डिटेक्ट कर इससे सुरक्षा में खरा उतर चुका है।

इसकी सेवाओं में वर्तमान में डाटा बैकअप, रेनसमवेयर प्रोटेक्शन, पेरेन्टल कंट्रोल, सेफ बैंकिंग, एंटिफिशिंग, एंटीमालवेयर, स्पायवेयर, टेली बैकअप, रूटफिट आदि सुरक्षा शामिल है।


परिवार की जिम्मेदारी में भी समर्पित

इस व्यावसायिक व्यस्तता के बावजूद श्रीमती शैला केला अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। वर्तमान में उनके परिवार में एक बेटा व एक बेटी हैं। बेटे आदित्य फिजिक्स में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त कर जर्मनी में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत रहे व वर्तमान NPAV में ही रिसोर्स एण्ड डेवलपमेंट के हेड है।

शैला केला

पुत्री श्रेया इंजीनियरिंग में स्नातक कर NPAV पुणे में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में कार्यरत हैं। उनका केला परिवार मूलरूप से वर्तमान में भी संयुक्त परिवार के रूप में साथ-साथ ही है।


Via
Sri Maheshwari Times

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