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Sandeep-Kabra-Sabhapati

परिवार, संस्कृति और व्यापार का संरक्षण ही लक्ष्य- श्री संदीप काबरा

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 132 साल के इतिहास में पहली बार मारवाड़ के संदीप काबरा के निर्विरोध निर्वाचन पर माहेश्वरी समाज में हर्ष की लहर है। श्री संदीप काबरा 18 जून को सभापति का पदभार संभालेंगे। आईये जानें श्री काबरा से उनकी जुबानी, क्या होगा इस सत्र में कुछ नया?

प्रत्येक समाज बंधु होगा बीमित

हमारा लक्ष्य परिवार, संस्कृति और व्यापार को बचाना है। इसके लिए वर्षभर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। माहेश्वरी समाज के हर बंधु का बीमा कराया जाने का लक्ष्य है। 4-5 जिलों में बीमा शुरू भी हो चुके हैं।


व्यापार एवं उद्योग के लिए करेंगे जागरूक

माहेश्वरी युवा बिजनेस करने के बजाय सरकारी नौकरी की तरफ भाग रहे हैं। जबकि यह समाज हमेशा से ही बिजनेस में अग्रणी रहा है। रोजगार देने में समाज का बड़ा योगदान है। युवाओं को व्यापार के प्रति न केवल जागरूक किया जाएगा, बल्कि उनकी समझ बढ़ाने, मुश्किलें हल करने के लिए कई काम कराए जाएंगे।


अयोध्या में बनेगा भव्य ‘शौर्य’ भवन

पहला काम अयोध्या में प्रस्तावित ‘शौर्य’ भवन को पूरा करना है। इसकी लागत लगभग 180 करोड़ रुपए होगी और यह राशि समाज के लोगों द्वारा वहन की जा रही है। यह भवन सर्व समाज के लिए होगा। इसमें हॉल, लाइब्रेरी, 1200 सीट क्षमता के ऑडिटोरियम सहित कई सुविधाएं होंगी।


कुरीतियों के शमन के प्रयास

कुरीतियों के शमन के प्रयास महासभा के गठन के समय से जारी है। महासभा ने अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। बड़ी उम्र का विधुर छोटी उम्र की लड़कियों से विवाह नहीं करेगा, विधवा विवाह जैसे प्रस्ताव तो महासभा सौ वर्ष पूर्व पास कर चुकी है। महासभा ने गांधी के स्वदेशी आंदोलन का प्रस्ताव भी पास कर इसे पुरजोर किया था, तब से अब तक प्रचलित कुरीतियों के शमन पर निरंतर कार्य जारी हैं। हमारे टॉक शो इसी शृंखला की एक कड़ी हैं। दहेज प्रचलन में है पर मांगने का साहस किस में है? कुरीतियों के शमन के प्रयास अनवरत जारी रहेंगे।


राष्ट्र के आर्थिक विकास का बिम्ब बनेगा समाज

माहेश्वरी समाज का शहर, राज्य और देश के विकास में अहम योगदान है। चाहे दान करना हो या फिर उद्योग लगाकर रोजगार देना। राष्ट्र के आर्थिक मोर्च पर भी हम विकास बिम्ब बनकर उभरे है। आज महासभा मात्र एक जातीय संगठन न होकर राष्ट्र विकास का अहम सोपान बन गया है। अब तो हम अन्य पिछड़ी जातियों के विकास तक में भूमिका निभाते हैं। आज माहेश्वरी समाज में बढ़ती शिक्षा एवं उनके बढ़ते आर्थिक विकास को देखकर कहेंगे कि माहेश्वरी राष्ट्र के गौरव है एवं आगे भी रहेंगे।


आनुपतिक आधार पर मिलेगा प्रतिनिधित्व

महासभा के विधान के अनुसार हर पांच सौ परिवारों से चाहे वे गांव, शहर, महानगर कहीं के भी हों, जनसंख्या के आनुपातिक आधार पर एक प्रतिनिधि महासभा तक पहुंचे, यहीं हमारा लक्ष्य है। महिला व युवा संगठन के पदाधिकारी भी विधान संरचना एवं पदेन नियुक्तियों के अनुरूप महासभा में पहुंच रहे हैं। हमारी इच्छा है कि देश की प्रतिभाओं को भी इसमें समाविष्ट कर सकें, तो महासभा एक शक्तिशाली संगठन के रूप में उभरेगी।