Kuldevi

श्री सुरल्या माताजी (मानुधणी)

श्री सुरल्या माताजी जिन्हें मानुधणी या मूणधणी माताजी भी कहा गया है, मुख्य रूप से मानधन्या व भुराड़िया खाँप की कुलदेवी हैं, भंसाली परिवार भी कहीं-कहीं इन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।

राजस्थान के नागौर जिले के डीडवाना (बांगड़नगर) शहर के मध्य में कोट मोहल्ला स्थित सुखदेव व्यास (मानधना के कुल गुरू) के निवास पर चलमूर्ती (उत्सव मूर्ती) के रूप में सुरल्या माताजी प्रतिमा विराजित है।

कोट मोहल्ला डीडवाना बसस्टेण्ड से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर नागौर गेट के पश्चात् कोट द्वार के अन्दर मानधना की पोल में स्थित श्री व्यास का निवास है। अजय (राजेन्द्र) व्यास ने बताया कि पूर्व दिशा में स्थित मंदिर में प्रतिमा का मुखार विंड पश्चिम दिशा में हैं वर्षो पूर्व (अज्ञात) आश्विन शुक्ला सप्तमी को विराजित यह मूर्ति कलश आकृती में है।

प्रतिवर्ष नवरात्रि में सप्तमी का नगर में धूमधाम से सवारी निकलती है। दशमी को पूर्णहूति होती है। लापसी व चांवल का भोग लगाया जाता है। ठहरने के लिये कुछ दूरी पर ही माहेश्वरी धर्मशाला है। जिसमें 15 कमरे व हॉल आदि की व्यवस्था के अतिरिक्त होटल व अन्य धर्मशाला भी हैं। मंदिर में प्रात: 7 बजे व संध्या 7 बजे आरती पारम्परिक रूप से होती है।

भावी योजना:

उत्सव मूर्ती को स्वामी स्वरूप प्रदान करने हेतु इंदौर के सम्पतकुमार एवं लीलाधर मानधन्या अगुवाई में पं. वच्छराज आदर्श विद्या मंदिर मानधन्या की बगीची में म.प्र., महाराष्ट्र व कर्नाटक के परिवारों के सहयोग से मुर्ति स्थापना व माहेश्वरी सम्मेलन के आयोजन की भी तैयारी की जा रही है।

कैसे पहुँचें:

डीडवाना पहुँचने के लिये निकटतम रेलवे स्टेशन यहाँ से 45 कि.मी. दूर स्थित नारायणपुरा है। यहाँ से बस द्वारा डीडवाना पहुँचा जा सकता है। बस स्टेण्ड से माताजी का स्थान (पं. व्यास का आवास) लगभग 1 कि.मी. दूर है। अधिक जानकारी के लिये पं. अजय व्यास ०९२१४५-०५१२९ से संपर्क किया जा सकता है।


Subscribe us on YouTube

Via
Sri Maheshwari Times
Tags

Related Articles

Back to top button
Close