स्वस्थ जीवन का राज- पंचतत्वों का संतुलन

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जब कभी पंचतत्वों का असंतुलन हमारे शरीर में होता है तो हमें बीमारी होती है, क्योंकि शरीर के सभी अंग किसी न किसी तत्व के साथ में संबंधित होते हैं। इसलिए अच्छी सेहत के लिए इन पंचतत्वों का घर में स्थान सही जगह और सही मात्रा में होना चाहिए।

हेल्थ हमेशा हमारे शरीर के अंदर से नियंत्रित होती है। दवाइयां तो सिर्फ बीमारी से लड़ने के लिए काम में आती है। अगर आप घर के जोन और पंचतत्वों का संतुलन बनाए रखेंगे तो आपको जीवन में बीमारी नहीं होगी।


पहला जोन- एनएनई

इसको हम हेल्थ और हीलिंग का स्थान मानते हैं। यह मनुष्य के ओवरऑल हेल्थ और हीलिंग के लिए रिस्पांसिबल होता है। यह व्यक्ति के फिजिकल, मेंटल और फाइनेंशियल हेल्थ को दर्शाता है।

अगर इस जोन में कोई इंबैलेंस हो गया और अगर यह जोन का इंबैलेंस नॉर्थईस्ट के साथ भी कंबाइंड हो गया तो ऐसे व्यक्ति को ऐसे घर में रहने वाले लोगों को पैरालिसिस, कैंसर, ल्यूकेमिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, ऐसी और भी अन्य बीमारियां हो जाती हैं।


दूसरा जोन- ईएसई

जैसा कि हम जानते हैं यह जोन हमारे थॉट प्रोसेस को नियंत्रित करता है। जिंदगी में जो भी हम निर्णय लेते हैं उसके लिए यह जोन उत्तरदायी होता है। अगर यह जोन इंबैलेंस हो गया तो न केवल आपके निर्णय लेने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा अपितु एंग्जायटी, ब्लड प्रेशर, शुगर प्रॉब्लम, थायराइड और एक्सीडेंट के साथ-साथ आग से नुकसान की संभावना भी बढ़ जाती है।


तीसरा जोन- एसएसई

यह हमें पावर और स्ट्रैंथ देता है अगर यह जोन डिस्टर्ब हो जाए तो व्यक्ति अपने फिजिकल, मेंटल और फाइनेंशियल स्ट्रैंथ को खो देता है, क्योंकि अपने आपको कमजोर महसूस करता है और ऐसा लगता है कि उसका एनर्जी लेवल जीरो हो गया है। उसके जीवन में न कोई उत्साह होता है, ना कोई जोश, ना काम करने की इच्छा।


चौथा जोन- एसएसडब्ल्यू

इसको हम डिस्पोजल के जोन के रूप में जानते हैं। अगर इस जोन में ३ साल से अधिक समय से आप सो रहे हों तो इसका रिजल्ट बहुत भयंकर होता है। जिंदगी के सभी आयामों में आपको नुकसान उठाना पड़ता है।

ना केवल यह आपकी हैल्थ को डिस्ट्रॉय करती है बल्कि व्यक्ति कर्जे में आ जाता है और उसको पेट संबंधी भयंकर समस्याएं हो जाती हैं। टीबी जैसी बीमारी के लिए भी यह जोन जिम्मेदार होता है।


पाँचवा जोन- डब्ल्यूएनडब्ल्यू

जिसको कि हम डिटॉक्सिफिकेशन या स्ट्रेस रिलीज की जोन के रूप में जानते हैं, पुराने समय में कोप भवन के रूप में महलों में विद्यमान रहता था जहां पर रानी, आया या कोई व्यक्ति जाकर अपने इमोशनल ब्लॉकेज को दूर कर लिया करते थे।

अगर यहां पर बेडरूम है या यह जोन इंबैलेंस हो गया तो न केवल आप डिप्रेशन का शिकार होंगे अपितु आपको घुटनों का पेन या ज्वाइंट पेन और थायराइड जैसी बीमारियां घेर सकती हैं।


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