जलगांव। जामोद निवासी नवलकिशोर और उषा भैया के सुपोत्री व सुपौत्र और जलगांव (खान्देश) निवासी पंकज और पल्लवी भैया के सुपुत्री व सुपुत्र कलश व देवेश भैया को माहेश्वरी समाज ने सम्मानित किया।
कलश ने शैक्षणिक क्षेत्र में 150 से अधिक गोल्ड मेडल, 200 से अधिक सिल्वर व ब्राँज मेडल अर्जित किये है। हाल ही में उन्हें अंतरराष्ट्रीय ‘अशोका यंग चेंज मेकर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। कलश, फ्लाय (FLY) – Fun Learning Youth के जरीये अपने स्कॉलरशिप के पैसे से गरीब बच्चों को पढ़ा रही है। ऐसी ही अनगिनत उपलब्धियों के लिए कलश को कोटा मे अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा शंखनाद 2022 में ‘किशोरी प्रतिभा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। देवेश को मात्र सातवी कक्षा मे भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदान किया गया है।
देवेश 12 साल के उम्र में ही सेटमेथ में 800/800 अंक प्राप्त कर अमेरिका के जॉन होप्किन्स यूनिवर्सिटी में स्टॅनले स्टडी ऑफ एक्सेप्शनल टॅलेंट के मेंबर बने। दसवी तक के बच्चों के लिए दुनिया की सबसे बडी साईंस ओलंपियाड जो पिछले साल दुबई में हुई इसमें देवेश ने आठवी कक्षा मे ही गोल्ड मेडल जितने वाले पहले बच्चे बनकर इतिहास रचा है।
इंटरनेशनल ओलंपियाड में 9 महीने में 15 गोल्ड मेडल जितकर इंटरनॅशनल बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज किया है। इन्होंने अभी तक 400 से ज्यादा गोल्ड मेडल हासिल किये है। अभी दिसम्बर में वह फिर से भारत का नेतृत्व करने HBCSE Team के साथ कोलम्बिया जा रहे हैं। देवेश को महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा की ओर से शिक्षण क्षेत्र में अति वैशिष्टपूर्ण कार्य व उपलब्धि के लिये ‘महेश शिक्षा रत्न’ से इचलकरंजी में सम्मानित किया गया।










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