भगवान श्रीकृष्ण कर्मयोग के प्रवर्तक और निष्काम कर्म के प्रेरक पुरुषोत्तम हैं। सृजन के विविध आयाम और कर्म की पराकाष्ठा से ओतप्रोत श्रीकृष्ण के मार्ग का अनुसरण करते हुए माहेश्वरी समाज के भी अनेक बंधू-बहिनों ने कर्मयोग की अनुकरणीय मिसालें प्रस्तुत की हैं।
प्रतिष्ठित चैनल “भक्ति सागर” और आपकी अपनी मासिक पत्रिका “श्री माहेश्वरी टाईम्स” ने सृजन की विभिन्न विधाओं और लोक कल्याण के नाना क्षेत्रों में अपने निष्काम कर्म की छाप छोड़ने वाले समाज के ऐसे ही प्रेरक कर्मयोगियों के अभिनन्दन का निर्णय लिया है। अखिल भारतीय स्तर पर चुने हुए इन “100 कर्मयोगियों” के साक्षात्कार चैनल पर प्रसारित किये जाएंगे और पत्रिका इन सभी के योगदानों को समर्पित विशिष्ट पुस्तक का प्रकाशन करेगी।
समाजजनों से आग्रह है कि कृपया अपने क्षेत्र के ऐसे कर्मयोगियों के बारे में हमें सूचनाएं सुलभ कराने का कष्ट करें, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में उपलब्धि के शिखर छूकर लोक के लिए कर्म की पराकाष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत किया हो। आप इनके नाम, परिचय, कार्य विवरण, चित्र, संपर्क नंबर या मेल आईडी उपलब्ध करा कर हमारे इस अभियान में सहयोगी बन सकते हैं। श्रेष्ठ 100 का चयन निर्णायक मंडल के अधिकार में होगा।
- इस उपलब्धि को प्राप्त करने में उम्र की कोई सीमा नहीं है।
- स्वयं की या किसी समाजबंधु की जानकारी भी प्रेषित की जा सकती है।
- कला के किसी भी क्षेत्र में ये उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है।














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