नेशनल ह्यूमन वेलफेयर कॉउन्सिल तथा जल, थल व वायुसेना के पूर्व अधिकारियों की संस्था की ओर से दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, संसद मार्ग स्थित सभागार में राष्ट्र सेवा को समर्पित भव्य ‘भारत-श्री 2019 ‘ सम्मान व अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर देश की थल सेना, जल सेना, वायु सेना, पुलिस, रेलवे पुलिस, समाजसेवी, उद्योग जगत व शिक्षा जगत की महान हस्तियों को उनके राष्ट्र निर्माण और अखंड भारत को बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान पर ‘भारत श्री 2019 अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रतापचंद सारंगी, महादेवराव जानकार व अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए पवन जिंदल नार्थ इंडिया हेड राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रमेश बैस पूर्व सांसद, उत्तर भारत यूनिवर्सिटी वाईस चांसलर, गुंजन मेहता अध्यक्ष नेशनल ह्यूमन वेलफेयर कॉउन्सिल आदि उपस्थित थे।
पूरे भारतवर्ष से 11 विभूतियों का उनके सामाजिक कार्य, समर्पण भाव, लेखन, उपलब्धियों की समीक्षा कर भारत-श्री पुरस्कार के लिए चयन किया गया। इसमें महाराष्ट्र, नागपुर से सामाजिक कार्यकर्ता शरद गोपीदास बागड़ी का चयन किया गया।
समाजसेवा में सतत योगदान:
श्री बागड़ी सामाजिक कार्य में 1976 से विभिन्न्न संस्थाओं जैसे- लिओ क्लब, जेसीज क्लब, लायन क्लब, रोटरी क्लब, भारत विकास परिषद्, लघु उद्योग भारती, जीवन सुरक्षा प्रकल्प, विदर्भ सेवा समिति आदि के माध्यम से सतत योगदान दे रहे है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बुज़ुर्गों की समस्या- मानवाधिकार, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, वृक्षारोपण आदि में अपना सक्रीय योगदान दिया व लगातार देते रहते हैं।
राष्ट्रीय मैगज़ीन, न्यूज़पेपर आदि में सामाजिक समस्याओं, मुद्दों, कुरीतियों पर अपने स्पष्ट राय रखते हुए समस्या का समाधान रखते हैं। श्री बागड़ी को भारत श्री का राष्ट्रीय पुरस्कार व सत्कार केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रतापचंद सारंगी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पवन जिंदल, गुड़गांव इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री गाँधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व आमदार रमेश बैस, कैबिनेट मंत्री महादेव राव जानदार के हाथों प्रदान किया गया।
आभार प्रदर्शन अध्यक्ष गुंजन मेहता ने किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने “भारत-श्री 2019” राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए श्री बागड़ी का अभिनन्दन कर उन्हें बधाइयाँ दी।
Subscribe us on YouTube


Comments are closed.