एक्यूप्रेशर शरीर के कुछ विशिष्ट बिंदुओं पर दबाव डालकर रोग से मुक्ति की चिकित्सा पद्धति है। अगर आप सिरदर्द से परेशान हैं तो चाहे कहीं भी बैठे हों एक्यूप्रेशर से इससे मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। आइए जाने कैसे पाएं मुक्ति सिरदर्द से।
सिरदर्द आज के समय लोगों के लिए बड़ी समस्या है। समस्या के कई कारण हैं, उसमे एक ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव भी शामिल है। जब भी सिर में दर्द होता है रोगी दर्द निवारक दवा का सेवन कर यह मान लेता है कि दर्द चला गया।
परन्तु दर्द वहीँ का वहीँ रहता है, सिर्फ अलप समय के लिए स्नायुतंत्र रोगी को दर्द की अनुभूति नहीं होने देते। बार-बार दर्द निवारक गोलियों के खाते रहने से शरीर के अन्य अंगों पर तथा दर्द सहन करने की शक्ति पर बुरा असर पड़ता है।
इसलिए होता है सिरदर्द
आतंरिक कारण: देर रात तक जागरण, अत्यंत नींद, भावनात्मक तनाव, मासिक चक्र असंतुलन, अत्यधिक उपवास करने की प्रकृति, नकारात्मक प्रवृत्ति, लगातार कब्ज रहना, दूषित खानपान, नींद की कमी, मौसम तथा जलवायु परिवर्तन, चमचमाती रोशनी में रहना, भोजन देर से करना, इन्द्रिय उत्तेजना, तेज शोर, विटामिन ए की ज्यादा मात्रा, अधिक एलोपथिक दवाओं का सेवन।
क्या करें
एक्यूप्रेशर द्वारा सिरदर्द का उपचार संभव है। इस पद्धति में ऊर्जा का असंतुलन होना रोग का कारण माना जाता है। इसके अंतर्गत कुछ निर्धारित बिंदुओं पर प्रतिदिन दिन में तीन बार 20 से 30 सेकंड तक दाब देने से ऊर्जा का संतुलन ठीक होने लगता है तथा रोगी कुछ दिनों में ठीक होने लग जाता है।
कैसे करें

- एक हाथ के अंगूठे और तर्जनी अंगुली से दूसरे हाथ के अंगूठे और तर्जनी अंगुली के बीच माध्यम दबाव दें।
- आँख और कान के पास के बिंदुओं पर हल्का दबाव दें।
- रीढ़ की हड्डी के गर्दन के पास वाले बिंदुओं पर साधारण दबाव दें।
स्थायी आराम के उपाय
पैरों के तलवों पर दबाव दें। अंगूठों पर पिटपटरी, पीनियल पर दबाव दें। इसी प्रकार हाथों की हथेलियों पर दाब दें। पेट साफ़ रखें। गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें। चाय काम पियें। नित्य ध्यान के साथ योग तथा अनुलोम विलोम का प्राणायाम करें व सकारात्मक चिंतन करें।














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