ऐसे जियो कि अपने आप को पसंद आ सको।
दुनिया वालों की पसंद तो पल भर में बदल जाती है।
दस्तक और आवाज़ तो कानों के लिए है,
जो रूह को सुनाई दे उसे ख़ामोशी कहते हैं……
मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
ख़्वाबों के पंछी कब तक शोर करेंगे पलकों पर
शाम ढलेगी और सन्नाटा शाखों पर हो जायेगा..!!
चिंताएं तेरी बेवजह है नादान परिंदे,
जिसने पंख दिए हैं वो आसमान भी देगा उड़ने के लिए।
जो चलते हैं मंजिल की ओर,
वो शिकवे नहीं किया करते…..
जो करते हैं शिकवे गिले,
वो मंजिल पर पहुँचा नहीं करते…!!
आये हो निभाने जब किरदार ज़मीं पर
कुछ ऐसे कर चलो कि ज़माना मिसाल दे…
Subscribe us on YouTube














Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.