खम्मा घणी सा हुक्म , आज आपा बात कर रिया हां.. तब्लीगी जमात री … हुक्म कोरोना वायरस संक्रमण री रोकथाम वास्ते लॉकडाउन रे बीच तब्लीगी जमात रा लोग बड़ी संख्या में निजामुदीन स्थित मरकज़ में एकत्रित था …इणमें सैकड़ों लोग इण भीड़ में संक्रमित पाया गया और कई सौ सूं ज्यादा लोगा री मौत भी हुगी। तब्लीगी जमात सूं बड़ी संख्या में देश भर में कोरोना संक्रमण फेलियो है।
हुक्म तब्लीगी जमात री स्थापना 1927 में एक सुधारवादी धार्मिक आंदोलन रे तौर पर मोहम्मद इलियास कांधलवी ने की जिको इस्लाम री देवबंदी विचारधारा सूं प्रभावित हुने बणाई। हुक्म उर्दु में इस्तेमाल हुवण वाळो जमात शब्द रो मतलब किन्ही खास मकसद सूं इक्कठा हुवण वाळो समूह ने केहवे। तब्लीगी जमात विश्व रा देशों में कई आपरा केंद खोलियोड़ा है । भारत मे निज़ामुद्दीन मरकज़ है याणो मकसद भारत समेत पूरी दुनियां में इस्लाम रो प्रचार-प्रसार करणों है।
कोरोना वायरस संक्रमण रे बचाव रे वास्ते प्रधानमंत्री जी री तरफ सूं घोषित लॉकडाउन रे समय में दिल्ली रे निज़ामुद्दीन इलाके में लॉकडाउन रो उल्लंघन कर एक कार्यक्रम में जिनमें करीब डेढ़-दो हज़ार लोग जमात में शामिल हुआ…इण डेढ़ दो हज़ार लोगा में चीन, यमन, बांग्लादेश, श्रीलंका, ईरान, इंडोनेशिया, अफगानिस्तान, सऊदी अरब ,इंग्लैंड रा निवासी भी शामिल था। हुक्म ये ही लोग पुलिस री कार्यवाही सूं डर ने भारत भर रे हर राज्य में फैल गया ..जिन्ही वजह सूं इणमें संक्रमित लोगा सूं चपेट में आ ग्या और कई हज़ारो लोग मौत री चपेट में आ ग्या। हुक्म पूरे देश मे कोरोना वायरस फ़ैलावण वाली तब्लीगी जमात री उल्टी गिनती शुरू हुगी है क्योंकि गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली पुलिस रे क्राइम ब्रांच में एलान करवा दियो है कि आसमान जमीन सब एक करने सारा सबूत इकट्ठा कर डालों कोई ने भी नहीं बख्शियों जावेला … सबसूं ज्यादा तेज तलवार जमात रो मौलवी मौलाना साद रे गर्दन पर लटकियोड़ी है जो बहुत सारा अनैतिक कार्य किया , देश विदेश सूं आया जमाती ने पूरे देश मे भगा दिया। झारखंड बिहार सहित कई राज्यों में जमाती रा लोग फैल गया और इनो दुष्परिणाम पुरो देशवासी भुगत रिया है … भारत सरकार फरार मौलाना साद व पूरा जमाती लोगो ने सख्त सूं सख्त सजा देवे.. ताकि भविष्य में देशवासी ने घोर समस्या रो सामनों नहीं करणो पड़े।
एक बात मैं और केवणी चाहूं हुक्म.. कि सरकार इण मामले में देर सु चेती। जमात रे कने ही पुलिस थानों हो, वठे पुलिस री भूमिका भी संदिग्ध ही नजर आयी जनता-कर्फ्यू रे पछे भी डेढ़-दो लोग उठे इकट्ठा हुग्या और पोलिस ने खबर तक नहीं पड़ी आ बात समझण रे बाहर री है। या बात प्रशासन री ईमानदारी पर अंगुली उठावे हुक्म। आग लग्या पछे कुवो खोदण रे बजाय पैली व्यवस्था ठीक हूँ जावती तो देश ने यूँ भुगतनो नहीं पडतो। जमात ही नहीं अन्य कई जगह भी ऐड़ी वारदाता री रिपोर्ट आयी हुक्म। तिरुपति सूं चार सौ पंडा बारे आया, मुरैना में एक कथा पांडाल सु कई लोग बारे आया, वे महाराज रे इशारे पर पुलिस ने पत्थर बाज़ी भी की। एक गुरुद्वारा सूं दो सौ आदमी निकल्या। मध्यप्रदेश नई सरकार रे जश्न, शपथ में हज़ारों लोग इकट्ठा हुया। दिल्ली बस स्टैंड, बांद्रा रेलवे स्टेशन पर भी एडो ही हुयो। हुक्म गलती किनी हुई हो..गैर ज़िम्मेदारी किनी बर्दाश्त नहीं हुवै। हाल भी स्थिति नियंत्रण में है, अबे तो आपा सब भुगत भी लियो, और भुगत भी रिया हां ..अबे तो सबने ज़िम्मेदार बण ने कोरोना मुक्त भारत बणावण में आपरी भूमिका ईमानदारी सूं निभावणी चहिजै। जागो जणे ही सवेरो हुक्म।
Subscribe us on YouTube










Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.