निजामाबाद। निजामाबाद चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष श्री पी आर सोमानी ने इस तथ्य को उजागर किया कि हमें जो दवाई मिलती है वह 2000% महंगी होती है। जेनेरिक दवाई उपयोग में लाएं, खर्चा बचाएं। उन्होंने एक वेबिनार के माध्यम से इस बात को उदाहरण के साथ समझाया।
श्री सोमानी को जब यह बात का पता चला तो उन्होंने इस सम्बन्ध में कई शोध किये। उन्होंने बताया कि इस इस वेबिनार के दो प्रमुख उद्देश्य है- पहला यह कि आम लोगों को यह जानकारी देना की दवाई उद्योग में दवाइयों के रिटेल भाव किस तरह से तय होते हैं तथा दूसरा यह कि जेनेरिक दवाइयां भी ब्रांडेड दवाइयों से गुणवत्ता में किसी भी तरह कम नहीं हैं।
श्री सोमानी ने बताया कि उन्होंने इस स्थिति के विरोध में कई राजनेताओं से संपर्क किया। तब उन्हें पता चला कि सरकार को खुद नहीं मालूम कि किस विभाग द्वारा इस धांधली को रोका जाएगा।
श्री सोमानी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमन्त्री को इस बाबत एक पत्र लिखा जो विभिन्न विभागों से होता हुआ अंततः उस विभाग तक पहुंचा जहाँ इस पर कारवाई की जानी थी।
पहले चरण में इसके तहत कैंसर जैसी बीमारी को 30% के मार्किट कैप में लाया गया। इससे कैंसर मरीजों की दवाइयाँ 80% तक सस्ती हो गई।
आपने एक बातचीत में संपादक रामस्वरूप मूंदड़ा को फ़ोन पर बताया कि शेष दवाइयाँ भी जल्द सस्ती होंगी। आपने यह भी स्पष्ट किया कि जेनेरिक दवाई में कोई कमी नहीं होती है।
सभी लोग जेनेरिक दवा का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जेनेरिक दवाई प्रधानमन्त्री जनऔषधि भण्डार पर मिलती है। इसके अलावा गूगल पर सर्च करके भी आसपास जेनेरिक दवाई की दुकान खोज सकते हैं।














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