श्री चामुंडा माताजी माहेश्वरी समाज की कलंत्री, कालाणी, गट्टानी, टावरी, पलोड़, भंसाली, मोदाणी और लाहोटी खांप की कुलदेवी हैं। इसके अलावा आसपास के सभी जाति समुदाय के निवासियों के लिए भी यह आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है माताजी के दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
राजस्थान में जोधपुर से ९० किमी दूर स्थित शहर सोजत में बस्ती के बाहर एक पहाड़ी पर गुफा के अंदर श्री चामुंडा माता का मंदिर स्थित है।
औरंगजेब हो गया था अंधा:
चामुंडा माता के साथ उनकी दो बहनें साचल माता व वाकल माता व दोनों ओर कालभैरव तथा गोरा भैरव विद्यमान हैं। मंदिर अति प्राचीन है। इसके बारे में कई लोककथाएँ प्रचलित हैं। उनमें से ही एक के अनुसार मुगल बादशाह औरंगजगेब ने इस मंदिर पर हमला किया था। अपने इस अपराध के कारण वह अंधा हो गया।
जब लोगों की सलाह के अनुसार उसने माताजी को छत्र चढ़ाया तो पुन: वह ठीक हो गया। वर्तमान में भी इस मंदिर के चमत्कारिक प्रभाव के कारण स्थानीय के साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की श्रद्धा का भी केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में इस मंदिर की व्यवस्था व देख-रेख सनातन धर्म ट्रस्ट द्वारा की जाती है। वर्तमान में मंदिर पुजारी राजेंद्रकुमार शर्मा हैं।
चामुंडा माताजी कैसे पहुँचें:
सोजत सड़क मार्ग जोधपुर से ९० किमी और यदि पाली होकर जाएँ तो १२५ किमी दूर है। पाली से सोजत ४५ किमी दूर है। जोधपुर अथवा पाली से बस द्वारा सोजत सिटी पहुँचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए श्री सूरज कालानी, जोधपुर मोबाईल ९३१४४-४०६४०, ९४१४४०६४० से संपर्क किया जा सकता है।










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