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Tripti-Maheshwari

योग से भगाती रोग- तृप्ति माहेश्वरी

जीवन में बहुत से लोग बाधाओं से हार कर निराश हो जाते हैं लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बाधाओं से लड़ते हुए अपना अलग ही मुकाम बनाते हैं। जीवन में ऊंच-नीच, निराशा, हताशा इन सब को पीछे छोड़ते हुए रायपुर निवासी तृप्ति माहेश्वरी ने अपने बलबूते योग के क्षेत्र में एक अलग ही मुकाम बनाया है।

तृप्ति माहेश्वरी ने योग को और योग ने उनको एक अलग ही पहचान दी है। उनकी आज रायपुर में ऐसी योग गुरु के रुप में पहचान है, जो योग से रोग भगाकर लोगों को स्वस्थ कर रही हैं। लेकिन यह सफलता उन्हें ऐसे ही नहीं मिली इसके पीछे उनके जीवन का कठोर संघर्ष है, वह भी इतना कठोर कि कोई और हो तो टूट जाऐं लेकिन तृप्ति डटी ही रही।


बचपन से चला चुनौतियों से सामना

18 सितंबर 1985 को राजस्थान के श्री डूंगरगढ़ (बीकानेर) कस्बे में जन्मी तृप्ति की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा पश्चिम बंगाल के दिनहटा कस्बे में हुई जो कि बांग्लादेश के निकट स्थित है। जब वह 12 वर्ष की थी तब उनके पिताजी चल बसे और वह अपनी माता जी के साथ राजस्थान आ गई। वहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी की।

2010 में विवाह के पश्चात वह सूरत जाकर बस गई। लेकिन ससुराल में ससुराल परिवार वालों के प्रताड़ना के कारण अपनी दो पुत्रियों को लेकर वह पुन: वर्ष 2017 में अपने मायके रायपुर आ गई। यहां से उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरू होता है जहां उन्होंने मन की शांति के लिए योग को अपनाया।

एक बार वह भारतीय योग संस्थान के एक शिविर को अटेंड कर रही थी जहां पर उनके प्रमुख आए हुए थे। उनकी बातों व विचारों का तृप्ति पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा और उन्होंने योग को ही अपना कार्यक्षेत्र चुन इसी में अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया।


योग से दिला रही रोग से मुक्ति

कोविड-19 समय तीन स्टूडेंट से शुरुआत करते हुए आज उनकी ऑनलाइन क्लासों में सैकड़ों स्टूडेंट्स उपस्थित रहते हैं। साइटिका, हाइपरटेंशन, थायराइड, शुगर, पीसीओडी आदि कई प्रकार के रोगी नियमित रूप से योग करते हुए स्वास्थ्य लाभ पा रहे हैं।

गंभीर रोगी -121 क्लास द्वारा ना केवल अपनी बीमारी से निजात पाते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी पहले से अधिक मजबूत व स्वस्थ हो रहे है। सिर्फ भारत ही नहीं विदेश में भी इनके काफी ऑनलाइन स्टूडेंट्स हैं। इनका सपना है योग को हर कोई अपनाएं और योग के माध्यम से वह लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें और वे अपने क्लासों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे सकें।