कोरोना लॉकडाउन में जब कई बच्चे खेलकूद में मस्त थे, ऐसे में सूरत निवासी 11 वर्षीय बाल कलाकार भाविका माहेश्वरी ने रामकथा का अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने जब रामकथा सुनाने का अभियान प्रारम्भ किया तो वह इतना लोकप्रिय हुआ कि मात्र 4 कथाओं से ही वे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की समर्पण निधि संग्रहित कर चुकी हैं।
समाज सदस्य राजेश माहेश्वरी की सुपुत्री 11 वर्षीय भाविका माहेश्वरी कक्षा छठवीं की छात्रा हैं। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन में उन्होंने समय का सदुपयोग करते हुवे रामकथा का अभ्यास किया। इसमें उनके माता पिता का पूरा सहयोग व प्रोत्साहन मिला जिसके परिणाम स्वरूप आज भाविका माहेश्वरी व्यास कथाकार के रूप उभर कर सामने आ रही हैं।
राम मंदिर निर्माण निधि समर्पण में सहयोग देने के ध्येय के साथ अभी तक भाविका माहेश्वरी ने एक दिवसीय चार राम कथा की। पहली राम कथा माहेश्वरी भवन सिटी लाइट में, दूसरी सुभाष डावर के सहयोग से राम मंदिर में, तीसरी जॉली परिवार द्वारा वेसू में और चौथी माहेश्वरी समाज द्वारा माहेश्वरी सेवा सदन परवत पाटिया में की।
अभी तक की इन 4 कथाओं में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु कुल 50 लाख से ज्यादा निधि की घोषणा हुई। कथा के दौरान जैन मुनि व मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी सहयोग दिया। इससे पहले भाविका ने 6 महिने की मेहनत से रामायण के 108 वीडियो बनाये थे जो सोशल मीडिया पर पूरे देश में पसंद किए गए।
कई हस्तियों ने सराहा
बाल कलाकार भाविका माहेश्वरी मूलत: शेरगढ़ जोधपुर राजस्थान से हैं, उनके पिताजी राजेश माहेश्वरी सूरत में स्कूल संचालन करते हैं। वो अपना प्रेरणा स्त्रोत दादा-दादी, नाना-नानी को मानती हैं। विश्व हिंदू परिषद हेड आफिस ने अपने आफिशियल ट्विटर हैंडल से भाविका की राम कथा का ट्वीट किया।

साथ में गोविंद भाई ढोलकिया (जिन्होंने 11 करोड़ समर्पण निधि दी) एवं केशवचंद उ.प्र. प्रचारक, दिनेश नावड़िया ने भी प्रोत्साहित किया। पूरे देश में सांसद, विधायक जैसे अग्रणी लोगों ने भी ट्वीट रिट्वीट करके बच्ची का मान बढ़ाया।
मोबाईल एडिक्शन के खिलाफ चलाया अभियान
इससे पहले भाविका एवं टीम ने विश्व की पहली कोरोना अवेयरनेस ड्राइंग बुक बनाई साथ ही मोबाईल एडिक्शन कम करने के लिए 10 हजार बच्चों को ट्रेनिंग भी दी। भाविका ने 1 वर्ष पहले पबजी पर पाबंदी की मांग की थी।
हाल ही में केंद्र सरकार ने पबजी सहित 119 चाइनिज एप को बेन किया है लेकिन भाविका ने इससे पहले अप्रेल 2019 में ही प्राइम मिनिस्टर आफिस, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, इन्फॉमेशन टेक्नॉलॉजी मिनिस्ट्री, शिक्षा मंत्री, बाल एवं महिला विकास संसाधन मंत्रालय, सहित कई अग्रणी लोगों से पबजी गेम बैन करने की अपील की थी।
भाविका अब तक 40 से ज्यादा स्कूलों में पबजी एवं मोबाइल एडिक्शन पर सेशन ले चुकी हैं। पबजी गेम ने युवाओं को ऐसी लत लगाई जिससे काफी लोगों ने आत्महत्या तक कर ली।










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