14 वर्ष की अवस्था वास्तव में तो स्कूल में स्वयं सीखने की उम्र होती है लेकिन यदि ऐसी अवस्था में अपने से अधिक उम्र के लोगों को प्रशिक्षित करने की बात की जाऐ तो यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। वास्तव में ऐसा ही आश्चर्यजनक कार्य कर रही हैं, अजमेर की कैलीग्राफी प्रशिक्षक गौरी माहेश्वरी।
राजस्थान की गौरी माहेश्वरी सम्भवत: दुनिया भर में सबसे कम उम्र की कैलीग्राफी टीचर हैं। वह 14 साल की है और मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर में नवी कक्षा में पढ़ रही हैं। इसके बावजूद वह कैलिग्राफी की 200 से अधिक शैलियों को जानती हैं और दुनिया भर में 4000 से अधिक लोगों को कैलीग्राफ़ी सीखा चुकी हैं।
गौरी ने सम्पूर्ण राजस्थान के 100 सरकारी स्कूलों में बच्चों को कैलीग्राफ़ी सिखाकर आत्म निर्भर बनाने का संकल्प लिया है और अब तक अजमेर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, नागौर, सीकर, बाँसवाड़ा, बाड़मेर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर आदि ज़िलों और ज़िले के गाँवों में 60 से ज़्यादा सरकारी विद्यालय के बच्चों को कैलीग्राफ़ी सीखा चुकी हैं।
गौरी ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और सीखने व सिखाने की कोई उम्र नहीं होती। उनकी क्लासों में 6 वर्ष के बच्चों से लेकर 65 वर्ष के वयस्क भी होते हैं।
प्रतिभा की अद्भूत उड़ान
गौरी सिर्फ कैलीग्राफी पर ही थमीं नही हैं, वह मोटिवेशनल वेबीनार्स भी लेती हैं और उनका Pauranik Stories के नाम से उनका अपना YouTube चैनल भी है। गौरी को आर्ट, क्रॉफ्ट और कैलिग्राफी करना पसंद है। उसे कुकिंग, बेकिंग, स्विमिंग और कीबोर्ड बजाना भी पसंद है।
गौरी कैलीग्राफ़ी को अगले स्तर पर ले जाना चाहती है और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कैलीग्राफ़र बनना चाहती हैं। वह भारत और विश्व की कम्पनियों के लिए ब्रैंडिंग डिज़ाइनिंग ओर लोगो डिज़ाइनिंग करना चाहती हैं। वह प्रतिभाशाली बच्चों के लिए अपना एक स्टार्ट अप शुरू करना चाहती हैं जिससे प्रतिभावान बच्चे अपनी प्रतिभा को लोगों तक पहुँचा पाऐं और भारत के बच्चे देश विदेश में भी अपना वर्चस्व फैला सकें।
सेवा ने दिलाया सम्मान
गौरी का दृढ़ विश्वास है कि आज हम जो कुछ भी हैं, वह हमारे समाज के कारण है और हम समाज के ऋणी हैं इसलिए गौरी ने अपनी कमाई राम मंदिर निर्माण सहित विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और एचआईवी पॉजिटिव बच्चों के लिए दान की है। वह सरकारी स्कूल के बच्चों को कैलीग्राफ़ी पेन व कैलीग्राफ़ी सीखने के सामान भी खुद ही वितरित करती हैं।
गौरी को उनकी सेवाओं के लिये कई अवसरों पर सम्मानित किया गया। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया। गौरी ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे कम उम्र की कैलिग्राफी एक्सपर्ट के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है।
वह 100 चाइल्ड प्रोडिजीज (चाइल्ड प्रोडिजी) में से एक है। उन्हें 1000 वुमन फेसिस ऑफ एशिया (वुमेनवेटर), बिजनेस रैंकर्स और नारित्व अवार्ड, राजस्थान पत्रिका से टैलेंट अवार्ड एवं अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से वैश्य गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गौरी नगर निगम ग्रेटर जयपुर की स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं।










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