नया-नया कुर्सी पर बैठा पदाधिकारी पद पाकर कैसा व्यवहार करें? उसका आचरण कैसा हो? अगर किसी को यह समझना हो तो महाभारत के सभापर्व का पाँचवा अध्याय अवश्य पढ़ें।
कोई व्यक्ति जब तक न्यायपूर्वक आचरण करता है तब तक राजलक्ष्मी स्थिर रहती है लेकिन जैसे ही व्यक्ति लोभ,या अहंकार में पड़ जाता है लक्ष्मी उसे त्याग देती है।














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