विचार क्रान्ति

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नववर्ष का शांतिपर्व

महाभारत का शांतिपर्व शांति के अनमोल सूत्रों का खज़ाना है। अशांति मनुष्य का स्वभाव है और शांति उसके जीवन का…

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जिसके पास शील, उसके पास लक्ष्मी

लोगों को यह भ्रम है कि लक्ष्मी अर्थात धन केवल परिश्रम, पराक्रम या प्रारब्ध से प्राप्त होता है। सच तो…

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जो बुजुर्गों की सुनेगा वही बनेगा विजेता

घर-परिवार के बड़े-बुजुर्ग हमारे जीवन में ईश्वर की कृपा से ही सुलभ होते हैं। इनका होना सौभाग्य है और न…

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प्रतिभा और अर्जुन होने का अर्थ

आचार्य द्रोण के 100 कौरव व पाँच पाण्डव सहित 110 से अधिक शिष्यों में अकेले अर्जुन क्यों सबसे अलग, सबमें…

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महाभारत का पर्यावरण संदेश

महाभारत के आदिपर्व की दो कथाएं आज भी मनुष्य जाति के लिए पर्यावरण संदेश की प्रेरक बनी हुई है। आवश्यकता…

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सेर भर सत्तू का दान

महाभारत के आश्वमेधिक पर्व के 90वें अध्याय की सुप्रसिद्ध कथा दान की महिमा का बोध कराती है। महायुद्ध में विजय…

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सर्वश्रेष्ठ धर्म क्या है?

भगवान शिव और पार्वती के दाम्पत्य की सबसे अनुकरणीय सीख यह है कि जब भी संसार संचालन के कर्म से…

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धर्म से बड़ा जीवन है

हर स्थिति में जीवन, धर्म से बहुत बड़ा है। यह व्यक्तियों द्वारा ही सुरक्षित रह सकता है। धर्म से अधिक…

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महाभारत में स्त्रीधर्म

महाभारत के अनुशासन पर्व में एक बहुत ही रोचक उमा-महेश्वर संवाद है। इसकी खूबी यह कि पाँच मुख्य सहित 17…

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शांति के लिए संतोष व सत्संग!

कौरव और पांडव भाई-भाई होकर भी राज्य यानी धन के लिए लड़े। कौरव मारे गए और पांडवों ने राज्य पाया।…

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