भीलवाड़ा। समाज सदस्य विवेक सोनी ने ‘मीनाक्षी सुंदरेश्वर’ फिल्म के जरिए निर्देशक के रूप में बड़े परदे पर कदम रखा है। उनके निर्देशन में निर्मित फिल्म का प्रदर्शन ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर पांच नवम्बर को हुआ।
शास्त्रीनगर निवासी कृष्ण गोपाल-उर्मिला सोनी के पुत्र विवेक बताते हैं कि फिल्म ‘मीनाक्षी सुंदरेश्वर’ से पहले वह सहायक निर्देशक के रूप में मल्टी स्टार युक्त फिल्म ‘हंसी तो फंसी’, ‘उड़ता पंजाब’,‘सोन चिड़िया’ व ‘रात अकेली में’ काम कर चुके हैं। यह फिल्में बॉक्स आफिस पर भी छाई रहीं।
पिताजी ने भी दिया प्रोत्साहन
वह बताते हैं कि इंजीनियरिंग करने के बाद मानस बदला और बॉलीवुड की दुनिया में कुछ लिखने की ठानी, सोचा था पापा टोकेंगे, लेकिन उन्होंने प्रोत्साहित ही किया और कहा कि यदि मन में कुछ करने की ठानी है तो इसे सफलता तक ले जाओ। इसके बाद उन्होंने बालीवुड में अपने आप को स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत की।
बावड़ी ने भी दी ‘‘प्रसिद्धि’’

34 वर्षीय विवेक बताते हैं उनकी लघु फिल्म बावड़ी भी काफी चर्चित रही। फिल्म की पटकथा राजस्थान में पेयजल संकट और उससे प्रेम कहानी पर आधारित थी। यह फिल्म कई देशों में पसंद की गई है। यह अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी नामांकित हुई है। वह बताते हैं कि मम्मी-पापा व बहन प्रिया कलंतरी का उन्हें कदम पर सहयोग मिला।














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