अन्तर्ज्ञान कराती- बोधिसत्वज्ञान मुद्रा
हमारे देश का रहस्यपूर्ण शब्द है बोधिसत्त्व। बोधि का अर्थ है- अन्तर्ज्ञान, परमज्ञान, अव्यक्त ज्ञान। सत्त्व का अर्थ है निर्भयता, निडरता, वीरता। उक्त परिभाषा...
ह्रदय को विशाल बनाती- आकाश मुद्रा
मध्यमा अंगुली आकाश तत्व का प्रतीक है तथा ज्योतिष विद्या में शनि की। जब अग्नि तत्व और आकाश तत्व आपस में मिलते हैं, तो...
विघ्नों को दूर भगाती- गणेश मुद्रा
हमारे सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य आरम्भ गणेश जी की पूजा से करते हैं, ताकि कार्य में कोई विघ्न नहीं पड़े। गणेश...
चेहरे को चमकाती- इन्द्र मुद्रा
हमारे शरीर में 70 प्रतिशत जल होता है। शरीर में जल तथा अन्य तत्वों का संतुलन बनाए रखने के लिए इंद्र मुद्रा अति सहायक...
हड्डी जोड़ने की अद्भुत औषधि- अस्थि संहार
हमारी धरती कई ऐसी दुर्लभ औषधियाँ उत्पन्न करती हैं, जो किसी चमत्कार से कम नहीं होती। उन्हीं में से एक है, अस्थि संहार या...

