वैसे अकोला निवासी मनीषा भंसाली की पहचान एक राजनेत्री के रूप में है, लेकिन उनके कोमल मन की भावनाओं ने उन्हें समाजसेवा का वह पथ दिखाया, जिस पर राजनीति में भी सतत रूप से सेवायात्रा जारी रही। यदि उनकी सेवा ने कई समाजसेवी संस्थाओं को पोषित किया, तो राजनीति में महानगर पालिका में सभापति जैसे पद की जिम्मेदारी निभाने में भी वे पीछे नहीं रहीं।
महिलाओं के दर्द व उनकी समस्याओं का अहसास होने पर, यदि आप उन समस्याओं के समाधान का रास्ता तलाशते हों, तो उसके लिए किया गया कार्य भी सेवा बन जाता है और इस सेवाकार्य में यदि परिवार का साथ मिल जाय तो, यह सेवा कार्य सहज संभव होता है। इन्हीं पंक्तियों को अपनी कथनी और करनी दोनों से चरितार्थ कर रही हैं, अकोला निवासी मनीषा भंसाली।
वे विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं से तो सम्बद्ध रही ही हैं, साथ ही राजनीति में भारतीय जनता पार्टी से सम्बद्ध हो राजनीति के माध्यम से भी मानवता की सेवा कर रही हैं। भाजपा की ओर से श्रीमती भंसाली महानगर पालिका में सभापति पद पर सेवा दे चुकी हैं।
माहेश्वरी महिला मंडल अकोला एवं विदर्भ प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन की कार्यकारिणी के माध्यम से विगत 15 सालों से चल रहा सेवाकार्य अविरत चल रहा है। इसमें पति रवींद्र भंसाली का सामाजिक कार्य करने में सतत रूप से सहयोग प्राप्त हो रहा है।
पूरे परिवार का मिला साथ
वाशिम जिले के मालेगांव का मायका और अकोला का ससुराल का परिवार दोनो तरफ़ समाजसेवा एवं उद्योग-व्यवसाय की पार्श्वभूमि रही। एक ओर, भाई गिरीश भगवानदास लाहोटी ने अपनी मेहनत से वाशिम में तिरुपति ग्रुप की शुरुआत करते हुए वाशिम शहर के विकास में भी अपना योगदान दिया है।
वहीं दूसरी ओर पति रवींद्र भंसाली महानगर के सफल व्यावसायी हैं। पश्चिम विदर्भ में उनका पोकलेन, जेसीबी मशीन एवं स्पेअर पार्टस का व्यवसाय है। परिवार मे मिले शैक्षणिक, सामाजिक और सकारात्मक वातावरण की वजह से मनीषा को समाज सेवा की प्रेरणा मिली। विवाह उपरांत पति रवींद्र ने भी कभी रोक टोक नहीं की।


इसीलिए माहेश्वरी महिला मंडल के माध्यम से सामाजिक सेवा सतत जारी रही। बिटिया श्रद्धा, नागपूर के प्रख्यात ‘व्हीएनआयटी’ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर आर्किटेक्ट बनी हैं। श्रद्धा को गीत गायन पसंद है।
कई प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल करने से उसकी समाज में ‘मिनी लता’ के नाम से श्रद्धा की पहचान बनी है। साथ ही पुत्र संकेत नागपूर के रामदेव बाबा इंजीनियरिंग महाविद्यालय से बी.ई. सिविल की पढ़ाई कर रहे हैं।
भाजपा के विश्वास पर उतरी खरी
वर्ष 2017 के महानगर पालिका के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव आया। राजनीति का कोई भी अनुभव ना रहते हुए भी पति रवींद्र के साथ की वजह से भाजपा का प्रस्ताव सहर्ष स्वीकार कर लिया और विजयी हुई। जुलाई 2019 में पार्टी ने विश्वास जताते हुए महानगर पालिका में महिला एवं बाल कल्याण समिति सभापति की कमान सौंपी। काम करने का अवसर मिलने से नई ऊर्जा के साथ कार्य किया।
श्रीमती भंसाली का कहना है कि सामाजिक कार्य करने के लिए मुझे प्रेरित करने वाले मेरे परिवार के मुखिया मुरलीधर भंसाली, सुभाष भंसाली, प्रकाश भंसाली समेत पूरे परिवार का हमेशा साथ मिलने से उनके कदम सतत आगे बढ़ते चले गये।
इस पद पर रहते हुए श्रीमती भंसाली ने प्रभाग में रास्ते, एलईडी स्ट्रीट लाईट, नालियाँ, पेव्हर ब्लॉक के काम पूरे कर सामान्य इंसान का जीवन आसान करने का प्रयास किया है। दो उद्यान के निर्माण के साथ वॉकिंग ट्रेक समेत ओपन जिम उपकरण भी लगाये। प्रभाग में लगभग 25 जगह पर दिशा दर्शक फलक भी उन्होंने लगवाए।
समाजसेवा में भी सतत सक्रिय
माहेश्वरी महिला मंडल के माध्यम से विविध जगह के अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम एवं बालिका आश्रम में मदद की जाती है। महिला एवं बाल कल्याण समिति द्वारा महानगर की जरुरतमंद युवतियों एवं महिलाओं को विविध योजनाओं का लाभ मिले, इसीलिए भी वे सतत प्रयत्नशील हैं। ज़रूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीन के वितरण के उपरांत अब फ़ोर व्हिलर गाड़ी प्रशिक्षण, ब्युटी पार्लर प्रशिक्षण का लक्ष्य भी बनाया है।

महानगर पालिका स्कूल के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये क्रीड़ा सामग्री, क्लास रूम में पंखे, लाइट, स्वच्छता गृह आदि उपलब्ध करवाने हेतु सफल प्रयत्न किए। दूर दराज के बच्चे स्कूल आ सकें इसलिए सायकल वितरण, दिव्यांग छात्रों के लिए ज़रूरत का सामान, शुद्ध पानी के लिए आरओ मशीन स्थापना, छात्राओं को हायजिन किट वितरण के साथ विविध योजनाओं का लाभ मिले इस हेतु भी श्रीमती मनीषा भंसाली हमेशा प्रयासरत रहती हैं।
साथ ही प्रभाग में विविध योजनओं के माध्यम से सभी प्राथमिक सेवा और सुविधाओं को पूर्ण कर सामान्य जनता का जीवन आसान करने का प्रयास किया है।










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