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कोविड-19 और बच्चों की सुरक्षा

कोरोना महामारी ने अपनी पहली लहर में तो अधिक उम्र वालों को ही विशेष रूप से प्रभावित किया था, लेकिन दूसरी लहर युवा ही नहीं बल्कि बच्चों व किशोरों पर भी कहर बन कर टूट रही है। ऐसे में माता-पिता का चिंतित होना भी स्वाभाविक ही है कि आखिर वे अपने बच्चों को इससे बचाऐं तो कैसे? आईये जानें वे सतर्कता जो कर सकती हैंं, आपके बच्चों की सुरक्षा ।

कोविड-19 कोरोना वायरस एक ऐसा नया वायरस है, जिसे पहले वुहान (चीन) में वर्ष 2019 में खोजा गया था। यह मानव समूहों को संक्रमित कर सकता है। कोविड-19 में पिछले वर्ष की पहली लहर के दौरान अपेक्षाकृत बच्चे व किशोर अप्रभावित रहे लेकिन, कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं।

इसका कारण डबल म्यूटेशन है, जिसमें आनुवांशिक संरचना में परिवर्तन होता है। इस ताजा आंकड़ों में 1-8 साल और किशोर आयु के भी बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। पहली लहर में अप्रभावित रहने वाले बच्चे अब बुखार, सर्दी, सूखी खांसी, लूज मोशन, उल्टी, थकान, भूख न लगना, साँस तेज चलना जैसे लक्षणों से ग्रस्त हो रहे हैं।

वैसे इसका अर्थ कोरोना वायरस संक्रमण ही नहीं है, अन्य वायरल फीवर भी हो सकता है, लेकिन यह महामारी इतनी खतरनाक है कि इसकी समय पर जांच करवा लेना ही समझदारी है। इससे भी ज्यादा जरूरी है माता-पिता द्वारा बरती जाने वाली वे सावधानियाँ जो आपके बच्चों को इस महामारी से सुरक्षित रख सकती हैं।


स्वच्छता का रखवाऐं विशेष ध्यान

यह आपके बच्चों में सकारात्मक सोच व स्वच्छता की आदतों को विकसित करने का सबसे अच्छा समय है। इसमें हाथों को अच्छी तरह से धोना, हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करना, व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व तथा किसी भी तरह के सामाजिक मेलजोल से बचना भी शामिल है, खासकर यदि वे अन्य बच्चों के साथ खेलना चाहते हैं।

आपको अपने बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका और समय सिखाना चाहिए। आप डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लेख कर सकते है।अपने हाथों को धोने और कीटाणुरहित करने के लिए सही तरीके में खासकर अपनी उंगलियों के बीच और अपने नाखूनों के नीचे भी सफाई जरूरी है।

आपको बच्चे को अपने चेहरे को छूने या खाने से पहले एक अच्छे साबुन से हाथ धोना सिखाना चाहिए। कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धुलवाऐं। खासतौर पर खांसने, छींकने के बाद। हाथ के साथ दरवाजे के हैंडल जैसी वस्तुओं को भी धोएं, जो दूसरों द्वारा भी छुए जाते हैं।


अच्छी आदतों का करें विकास

खांसते और छींकते समय अपने बच्चे को मुंह और नाक को टीशू पेपर से ढकने के लिए शिक्षित करें। उपयोग किए गए टीशू पेपर को तुरंत हटा दें और साबुन और पानी से हाथ धो लें या अल्कोहल-आधारित सेनीटाईजर से हाथ रगड़ें।

खांसने या छींकने के बाद किसी भी वस्तु या चेहरे को न छुएं। एक ऐसी दिनचर्या स्थापित करना जो उम्र के अनुकूल हो और आसानी से पालन की जा सके, जरूरी है। आप खेलने और पढ़ने के समय को भी इसमें शामिल कर सकते हैं, और उन्हें अपने बच्चों के लिए सीखने के अवसरों के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

जहाँ भी संभव हो, अपने बच्चों के साथ अच्छी योजनाएँ बनाना न भूलें। अपने बच्चे की गतिविधियों के साथ लचीला होना न भूलें, उन्हें स्विच करें, और अधिक सक्रिय विकल्प पर फ्लिप करें, यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा उत्तेजित या बेचैन हो रहा है।


बच्चों के खिलौने भी रखें साफ

दिन में कम से कम एक बार बच्चे के खिलौने को भी साफ करें। घर में दिन में कम से कम एक बार आमतौर पर छुई गई वस्तुओं को भी साफ करें। अपने बच्चे को सर्दी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षणों वाले किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क में न आने दें। अपने बच्चे को इनडोर गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश करें।

जितना हो सके बाहरी गतिविधियों से बचें, लेकिन घर के परिसर में कोई भी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है, बच्चों को बुखार, खांसी और नाक बहने पर विशेषकर बुजुर्ग / दादा-दादी से मिलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कुल मिलाकर देखा जाऐ तो बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न ले जाएं, जितना हो सके उन्हें घर के अंदर ही रखें।


पौष्टिक आहार देना न भूलें

पानी से भरपूर पौष्टिक आहार देना न भूलें। खट्टे फल (नारंगी, नींबू, अंगूर) और सब्जियाँ, विटामिन सी, विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ (पनीर, अंडे की जर्दी) और जस्ता युक्त खाद्य पदार्थ (फलियां, दाल, सेम, और नट्स) का उपयोग जरुर करें।

मां बच्चे को स्तनपान करवा सकती हैं चाहे वे COVID-19 रोग से संक्रमित हों, लेकिन बच्चे के संपर्क में आने से पहले और बाद में हाथ धोना तथा मास्क का उपयोग करना जरूरी होगा। यदि आपके बच्चे को बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो, तो शीघ्र चिकित्सा देखभाल करें। अपने बच्चे के साथ खुली बातचीत करें और उन्हें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के साथ-साथ सवाल पूछने के लिए भी प्रोत्साहित करें।

आपको याद रखना चाहिए कि आपके बच्चे तनाव से भी दूर रहें। साइबरस्पेस और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के प्रति चौकस रहें, लेकिन एक अभिभावक के रूप में आपको उस डेटा को फ़िल्टर करने की आवश्यकता है जो आपके बच्चे के लिए उपयुक्त है।


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Sri Maheshwari Times
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