धरजल माताजी नावंधर खांप में गांधी, धीरन, धीरानी आदि की कुलदेवी है।
राजस्थान के पोकरण में स्थित माताजी का मंदिर सभी समुदायों के लिए श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केन्द्र है। सालभर यात्रियों का आवागमन यहां होता है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में विशेष आयोजन होते हैं। कुलदेवी शृंखला में इस बार धरजल माताजी के दर्शन कीजिए
राजस्थान के पोकरण में शहर के बीचोंबीच गांधी मोहल्ला में धरजल माताजी का भव्य मंदिर स्थित है। मंदिर का जीर्णोद्धार ५० वर्ष पूर्व किया गया है। यहाँ पर कुलदेवी की प्रतिमा लगभग १०० वर्ष पुरानी है। यहाँ माताजी की अखण्ड ज्योत के साथ प्रतिदिन दोनों समय आरती होती है।
साल की दोनों नवरात्रि में नौ दिनों तक भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होता है। अष्टमी को हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमें सम्पूर्ण भारतवर्ष के नावंधर परिवार के लोग सम्मिलित होते हैं। मंदिर में फलों द्वारा विशेष शृंगार एवं विद्युत्त सज्जा की जाती है। यहाँ सालभर नावंधर परिवार के लोग भारतवर्ष से आते रहते हैं।
सर्वसुविधाएं उपलब्ध:
धरजल माता मंदिर का सार्वजनिक ट्रस्ट है जो पूरे भारत के नावंधर परिवारों द्वारा संचालित होता है। मंदिर प्रांगण में रहने एवं खाना बनाने की बर्तनों सहित पूर्ण व्यवस्था है। मंदिर की व्यवस्था में श्री शंकर गांधी, कोषाध्यक्ष श्री जुगल गांधी एवं गांधी परिवार पोकरण का विशेष सहयोग रहता है।
अन्य तीर्थ:
इसके पास ही नावंधर समाज का सुधलाई तालाब है जहाँ शिवजी का मंदिर स्थित है। तालाब पर मोर एवं पक्षियों को दाना डाला जाता है। सुबह सैकड़ों की संख्या में मोर आकर नाचा करते हैं। पोकरण से मात्र ६ कि.मी. की दूरी पर बाबा रामदेवजी का तीर्थ स्थल है।
कैसे पहुंचे:
पोकरण जोधपुर-जैसलमेर लाइन पर जोधपुर से १६० कि.मी. की दूरी पर हर समय बस सेवा उपलब्ध रहती है ट्रेन भी इस लाइन पर उपलब्ध है।










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