गायल माताजी– माहेश्वरी समाज की झंवर, बजाज, लाहोटी एवं इनकी समस्त खांपो की कुलदेवी है।
माताजी का मंदिर राजस्थान के जोधपुर जिले के ग्राम ‘आसोप’ में स्थित हैं जो की जोधपुर से लगभग 90 की.मी. दूर है। वैसे तो माताजी का मूल मंदिर आसोप से लगभग 20 की.मी. दूर ग्राम ‘हर-खेड़ा’ गाँव में स्थित है, जहाँ पर माताजी स्वयंभू प्रकट हुई थी।
बाद में कालांतर में मंदिर की स्थापना संवत 1667 में ग्राम ‘आसोप’ में हुई। माताजी की मूर्ति अत्यंत चमत्कारी है, कहा जाता है की मन में श्रद्धा रखकर माँ का ध्यान करें तो माँ भक्तगणों के कार्यों को शीघ्र ही पूरा कर देती है।
सुविधाएं:
मंदिर में यात्री भक्तों के ठहरने के लिए धर्मशाला में हर मोसमानुकूल सुविधा उपलब्ध है। यहाँ पर शुद्ध सात्विक भोजन की उपलब्धता रहती है।
उत्सव-आयोजन:
दोंनो नवरात्रों(चैत्र एवं शारदीय) पर पूरे दिवस उत्सव भजन कीर्तनो का आयोजन होता है, खूब धूम रहती है।
आरती एवं भोग:
आरती: सुबह 7.30 बजे
भोग: सुबह 10 से 10.30 बजे
संध्या एवं शयन आरती:
सांयकाल 6 से 6.30 बजे उसके बाद मंदिर के पट बंद हो जाते है।
गायल माताजी पहुंचने की व्यवस्था:
- आसोपा के निकट जोधपुर है जो की बस, ट्रैन, विमान द्वारा जुड़ा हुआ है।
- अजमेर से नागौर और नागौर से आसोप बस, कार द्वारा जाया जा सकता है।
अन्य:
मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष श्री गोवर्धन झंवर:
फ़ोन: 0291-2644941
मोबाइल: +91-94144-18587
इनसे जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
श्री माहेश्वरी टाइम्स के राजस्थान के प्रतिनिधि सुधीर जे. कालाणी:
फ़ोन: 0291-2541368
मोबाइल: +91-9414300306
ईमेल: skalani@email.com
से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।










Got a Questions?
Find us on Socials or Contact us and we’ll get back to you as soon as possible.